विकास में सहभागी बन रोजगार उपलब्ध करा रहा सुनील इस्पात
रायगढ़ :- कला एवं संस्कार की नगरी रायगढ़ की पहचान अब ओद्योगिक नगरी के रूप में हो गई है।उद्योगों के आने से रायगढ़ में रोजगार के अवसर भी बढ़े है l छग प्रदेश के अन्य जिले के लोग भी रोजगार की तलाश में यहाँ आकर बसने लगे l इस वजह से अन्य व्यपारिक गतिविधिया तेजी से बढ़ी है l
ग्राम पंचायत लाखा का आश्रित ग्राम चिरईपानी स्थित सुनील इस्पात एन्ड पावर लिमिटेड 2005 में प्रारंभ हुआ औऱ 2010- 2011के दौरान आर्थिक मंदी की वजह से तालाबंदी की मार झेल रहा था l इस दौरान केलो परियोजना के कार्य प्रारंभ होने की वजह से लाखा एवं चिरईपानी ग्राम की अधिकांश कृषि भूमि डुबान में आ गई l सुनील इस्पात की तालाबंदी व डुबान में जमीन जाने की वजह से क्षेत्र के निवासियों की कमर टूट गई l बेरोजगारी बढ़ने की वजह से आपराधिक घटनाएं भी बढ़ने लगी l दो वर्ष पूर्व सुनील इस्पात के पुनः शुरू होने की जानकारी से क्षेत्र वासियो की आँस बंधने लगी l विपरीत परिस्थितियो के बावजूद उद्योग प्रबंधन के शाश्वत प्रयासो की वजह से यह उद्योग पुनः प्रारंभ हो सका l स्थानीय लोगो को रोजगार उपलब्ध कराना सुनील इस्पात की पहली प्राथमिकता रही है l स्थानीय लोगो को रोजगार मिलने की वजह से जमीन खोने का दर्द कम होने लगा l योग्यता के अनुसार कुशल व अकुशल श्रमिको को कार्य दिया जा रहा है l रोजगार मिलने की वजह से भटके हुए दिशा हीन युवा विकास की मुख्यधारा से जुड़ने लगे l सुनील इस्पात प्रबंधन आस पास के क्षेत्र वासियो के सुख दुख में सहभागी रहा है l धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजनो खुलकर सहयोग देकर सुनील इस्पात ने एक मिशाल कायम की है l प्रबंधन की सेवा भावना व सहयोगात्मक रवैये से क्षेत्र वासी प्रसन्न है l समय समय पर पानी का छिड़काव व वृक्षारोपण के जरिये पर्यावरण सरंक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे है l सुनील इस्पात के सराहनीय भूमिका से क्षेत्र के लोग लाभान्वित हो रहे है

