मनरेगा में 10 करोड़ रुपए का मटेरियल भुगतान नहीं हो सका है। दरअसल केन्द्र सरकार ने मनरेगा सारे भुगतान की प्रक्रिया ऑनलाइन में कर रही है। मजदूरी भुगतान भी ऑनलाइन खाते में जाएगी। अभी तक मनरेगा में मटेरियल भुगतान जनपद पंचायत के बैंक खातों से करती थी। 2021 से इसका भुगतान नहीं हो सका है, ग्रामीण इलाकों में दुकानदार मनरेगा काम के लिए मटेरियल देने से भी मना कर रहे हैं, कामकाज अटक रही है।
केंद्र सरकार ने सारे सिस्टम को ऑनलाइन कर दिया है। सिस्टम पूरी तरीके से ऑफलाइन नहीं हो जाता है तब तक इसमें रकम रोकी गई है। पिछले दिनों गर्मी में 80 हजार लोग मजदूरी से जुड़ जाते थे, लेकिन बारिश के बाद संख्या 35 हजार हो गई। अभी ढाई हजार ही काम हो रहे हैं।


