मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को पत्र लिखकर वीडियो पर संज्ञान लेने और आंदोलन के दौरान देश में हुई हिंसा में कांग्रेस की भूमिका की जांच करने का आग्रह किया है।
छत्तीसगढ़ में सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी के एक विधायक का अग्निपथ योजन के खिलाफ प्रदर्शन करने को लेकर उकसाने वाला एक वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। इस वीडियो में कांग्रेस विधायक को कथित तौर पर युवाओं को बिहार की तरह केंद्र की अग्निपथ सैन्य भर्ती योजना का विरोध करने के लिए कहा जा रहा है, जैसे बिहार में वाहनों को जला दिया गया था और हिंसा की अन्य घटनाओं की सूचना सामने आई थीं।
भाजपा ने एनआईए को लिखा पत्र, कांग्रेस की भूमिका की जांच की मांग
इस संबंध में एक वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद राज्य के मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को पत्र लिखकर वीडियो पर संज्ञान लेने और आंदोलन के दौरान देश में हुई हिंसा में कांग्रेस की भूमिका की जांच करने का आग्रह किया है।
वीडियो में कांग्रेस विधायक विक्रम मंडावी अपने निर्वाचन क्षेत्र बीजापुर के बस स्टैंड में सोमवार को ‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ हुए राष्ट्रव्यापी आंदोलन में पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कथित रूप से यह टिप्पणी की थी।
वीडियो में मंडावी कहते दिखाई देते हैं, ‘मैं आपसे अपील करना चाहता हूं कि इस योजना के बारे में लोगों को बताएं। आने वाले समय में इसका विरोध करने के लिए हम सब को सड़क पर उतरना चाहिए। जिस तरह के दूसरे राज्यों और बिहार में वहां के युवा विरोध कर रहे हैं, गाड़ियां जला रहे हैं। जिस तरह से वह खुल कर सामने आ रहे हैं। उसी तरह का विरोध सब जगह होना चाहिए।’
मंडावी ने कहा- वीडियो को संपादित किया गया
हालांकि इस मामले में जब मंडावी से संपर्क किया गया तब उन्होंने कहा कि वीडियो को संपादित किया गया है और पार्टी कार्यकर्ताओं को वाहन जलाने के लिए कहने से इनकार किया। मंडावी ने कहा कि उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से लोगों को योजना के दोषों के बारे में जागरूक करने और इसका विरोध करने के लिए कहा था।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने हिंसा भड़काने का लगाया आरोप
इधर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साई ने एनआईए को पत्र लिखकर कहा है कि अग्निपथ योजना के खिलाफ हिंसा भड़काने का षड़यंत्र रचा जा रहा है। साई ने पत्र में लिखा है, “देश की अभिनव योजना अग्निपथ के खिलाफ हिंसा भड़काने का षड़यंत्र रचा जा रहा है। राष्ट्र विरोधी ताकतों के इशारे पर उपद्रव, तोड़फोड़, आगजनी हो रही है। इसी तारतम्य में नक्सल हिंसा प्रभावित छत्तीसगढ़ राज्य के संवेदनशील क्षेत्र बीजापुर से कांग्रेस विधायक विक्रम शाह मंडावी ने अग्निपथ के विरोध में अन्य राज्यों की तरह आगजनी जैसी हिंसा करने का निर्देश अपने भाषण में दिया है।”
साई ने कहा, “वे नक्सल हिंसा से जूझ रहे मासूम आदिवासियों को देश के खिलाफ हिंसा करने के लिए भड़का रहे हैं, उकसा रहे हैं, दुष्प्रेरित कर रहे हैं। यह कृत्य स्पष्ट रूप से देशद्रोही है। देश की संपत्ति को आग लगाने का आह्वान करने वाले विधायक के विरुद्ध एनआईए को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए व देश में हुई हिंसा में कांग्रेस की भूमिका की जांच करने का आग्रह है।”
गौरतलब है कि बिहार में केंद्र सरकार की इस योजना के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन देखा गया था। प्रदर्शनकारियों ने योजना को तत्काल वापस लेने की मांग करते हुए वाहनों में तोड़फोड़ की थी और कई ट्रेनों के डिब्बों में आग लगा दी थी।


