रायगढ़ . रायगढ़ जिले में अनुदान प्राप्त विद्यालयों में काफी लंबे समय से जिले स्तर व प्रांत स्तर की लंबित जायज मांगों पर संगठन के द्वारा समय समय पर निराकरण हेतु जिले संभाग और प्रांत स्तर पर सभी जिम्मेदार सक्षम अधिकारियों से निवेदन किया कि जिन का निराकरण आज तक नहीं हो पाया है अतः सभी शिक्षक और कर्मचारी इसे अपनी उपेक्षा और अपना अपमान महसूस करते हुए मांग पूरी नहीं होने पर क्रमिक आंदोलन हेतु मजबूर हो रहे हैं जिनकी सूचना अपने मांग पत्र के साथ दिनांक 17 अगस्त 2022 को कलेक्टर पुलिस अधीक्षक एसडीएम एवं जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन द्वारा आंदोलन 5 सितंबर को शिक्षक दिवस का बहिष्कार करते हुए एकदिवसीय आंदोलन की सूचना का पत्र सौंपा था लेकिन 4 सितंबर तक मांगों के निराकरण के संबंध में कोई प्रयास या वार्ता नहीं किए जाने के फल स्वरुप अनुदान प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक व कर्मचारी क्रमिक आंदोलन के प्रथम स्तर पर जिले स्तर पर यह एकदिवसीय आंदोलन किया गया हैं
जिला स्तर की मांगे निम्नानुसार है रायगढ़ के अनुदान प्राप्त विद्यालयों के टी संवर्ग के शिक्षा कर्मचारियों का वेतन भत्तों का भुगतान प 15 तारीख के बाद होने के कारण ई पी एफ ओ द्वारा ब्याज डैमेज पेनाल्टी लगाया जाता है इस कारण से राज्य शासन पर अतिरिक्त वित्तीय अधिकार आता है जबकि राज्य शासन से वेतन भत्तों हेतु बंटन समय पर जिले में आ जाता है अतः निर्धारित समय सीमा में वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए
अनुदान प्राप्त विद्यालय रायगढ़ के शिक्षक कर्मचारियों को अनुदान के लिए लागू पदोन्नति नियम के अनुसार पदोन्नति का लाभ नहीं दिया जा रहा है पदोन्नति प्रकरण के प्रस्ताव जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लंबित होने के कारण अनुदान विद्यालयों में पदोन्नति के पद रिक्त होने के बाद भी कर्मचारी इस लाभ से वंचित है और अनुदान संस्थाओं में प्रबंधक वर्ग द्वारा नियम विरुद्ध और अयोग्य प्राचार्य प्रधानाचार्य नियुक्त हैं नियमानुसार कार्यवाही कर पदोन्नति किया जाए।
अनुदान प्राप्त विद्यालय के इस संवर्ग के हाईस्कूल व हायर सेकेंडरी के सेवानिवृत्त शिक्षक कर्मचारियों के उपादान और अवकाश नगदी करण के भुगतान अब तक नहीं हुआ है मई 2022 में इस मद में डीपीआई से जारी आवंटन में समय पर जिले की मांग पत्र नहीं पहुंचने के कारण बंटन जारी नहीं हुआ इस बाबत शीघ्र कार्यवाही कर भुगतान किया जाए।
स्कूल शिक्षा विभाग राज्य शासन से पत्र के द्वारा सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुपालन में जारी छठवें वेतनमान के एरियर्स के 5 किस्तों में अभी तक कॉल मेल कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रायगढ़ के कार्यरत शिक्षक कर्मचारियों को केवल चार किस्त का ही भुगतान हुआ है वर्तमान तक प्राप्त एक किस्त जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लंबित है जिसका शीघ्र भुगतान किया जाए।
समस्याओं के निराकरण और अनुदान संस्था के कार्यों में सामंजस्य के लिए अनुदान प्राप्त संस्थाओं के संस्था प्रमुख प्रबंधक वर्ग प्रतिनिधि अनुदान प्राप्त कर्मचारी संगठन प्रतिनिधि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के अनुदान लिपिक अनुदान प्रभारी और स्वयं जिला शिक्षा अधिकारी के मध्य तिमाही या छ्माही बैठक सुनिश्चित किया जाना चाहिए ।
इसी क्रमानुसार प्रान्त स्तर पर लंबित मांगे निम्नानुसार हैं
प्रदेश के अनुदान प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक कर्मचारियों को भी पेंशन लागू की जाए जबकि अनुदान अधिनियम में प्रावधान वह पात्रता होने के अतिरिक्त सामान्य अधिनियम में प्रदेश में कार्यरत अनुदान प्राप्त महाविद्यालय में राज्य शासन शिक्षक व कर्मचारियों को पेंशन लाभ दिया जा रहा है।
अनुदान प्राप्त विद्यालयों के शिक्षक (अनुदान) संवर्ग के कर्मचारियों को 01.05.2013 से राज्य के शिक्षक (पंचायत) संवर्ग के समान समतुल्य वेतनमान का लाभ प्रदान किया जाए।
अनुदान प्राप्त विद्यालय के शिक्षक (अनुदान) संवर्ग को शासकीय शिक्षक (पंचायत) समान दिनाँक 01.07.2018 से समान पद नाम परिवर्तन किया जाए।
2 वर्ष या उससे अधिक सेवा अवधि पूर्ण करने वाले शेष बचे शिक्षक अनुदान संवर्ग के कर्मचारियों का भी दिनांक 01.11. 2020 से शिक्षक पंचा./नग. निका.संव. के कर्म. के समान नियमित 7वा वेतमान प्रदाय किया जाए।
अनुदान प्राप्त विद्यालयो के लिए भी राज्य शासन के समान नवीन भर्ती नियम जारी किया जाए।
शत-प्रतिशत अनुदान प्राप्त विद्यालयों में 2014 से भर्ती पर लगे पर लगे प्रतिबन्ध को हटाया जाए
जिला स्तर पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में लंबित समस्याओं का निराकरण शीघ्र किया जाए संगठन अपने 17 अगस्त 2022 को पूर्व जापन पत्र के अनुसार दिए गए मांग पत्र से संबंधित मांग 4 सितंबर तक निराकरण नहीं किए जाने से मजबूर वस दिनांक 5 सितंबर 2022 को जिला स्तर पर सभी अनुदान प्राप्त शिक्षक व कर्मचारी शिक्षक दिवस का बहिष्कार कर एकदिवसीय आंदोलन कर किया गया मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मुख्य सचिव शिक्षा सचिव संचालक शिक्षा के नाम से अपनी मांगों का ज्ञापन जिला कलेक्टर के माध्यम से सौपा गया


