रायपुर. प्रदेश में पानी से बिजली बनाने का 12 साल पुराना रिकॉर्ड इस साल टूट गया है। राज्य में 12 नवंबर तक 1298 मिमी से ज्यादा बारिश होने के कारण हसदेव बांगो समेत चारो हाइड्रो पॉवर स्टेशन में उम्मीद से ज्यादा बिजली का उत्पादन हुआ है। इसी माह 8 अक्टूबर तक अकेले हसदेव बांगो में 318.2 मिलियन (10 लाख) यूनिट बिजली पैदा की जा चुकी है, क्योंकि बांध में पानी लबालब है। जबकि 2008 में इसी अवधि में 221.50 मिलि. यूनिट बिजली बनी थी। यह लगभग दोगुना है। प्रदेशभर के चारों संयंत्रों में अब तक 345.42 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन हो चुका है। पिछले साल इसी अवधि में केवल 180.04 मिलियन यूनिट बिजली बनी थी। अब तक गंगरेल में 16 मिलियन यूनिट, सिकासार में 8 मिलियन यूनिट और मिनी हाइडल कोरबा (वेस्ट) में 3.1 मिलियन यूनिट बिजली बन चुकी है। पॉवर कंपनी को उम्मीद है कि पानी से बिजली बनाने के मामले में इस साल अच्छी बारिश की वजह से पुराने सारे रिकाॅर्ड टूट सकते हैं।
दो साल में 8 अक्टूबर तक उत्पादन
स्टेशन 2019 2020
हसदेव बांगो 159.46 318.2
गंगरेल 6.27 16
सिकासार 10.82 08
मिनी हाइडल कोरबा 3.48 3.1
25 सालों में सर्वश्रेष्ठ सीयूएफ
इस साल बांगो बांध से लगातार पानी छोड़ा गया इसलिए स्टेट पॉवर जेनरेशन कंपनी के बांगो जल विद्युत संयंत्र को अनवरत चलाया गया। 25 साल में पहली बार बांगो ने इस साल 98.27 प्रतिशत केपेसिटी यूटीलाइजेशन फैक्टर (सीयूएफ) हासिल किया है। इससे पहले अक्टूबर 2011 में 82.611 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन हुआ था और इसे 92.53 प्रतिशत सूयूएफ मिला था।


