रायगढ़ :- पीएम नरेंद्र मोदी ने शिक्षक दिवस पर देश भर में 14500 स्कूलों को अपग्रेड करने की घोषणा की है।इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के पहले चरण में 146 स्कूल को अपग्रेड किया जा रहा है। बाद में एक एक स्कूल और अपग्रेड किए जाएंगे। छत्तीसगढ़ राज्य में 2 साल के भीतर करीब 300 स्कूल इस योजना के दायरे में आएंगे। बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन देने के लिए अन्य राज्यों के साथ छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूल “पीएम श्री” प्रधानमंत्री स्कूल फॉर राइजिंग इंडिया) में तब्दील किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि, जो भी स्कूल इस योजना में शामिल किए जाएंगे उनका नाम पीएम श्री स्कूल ही रहेगा, उसे बदला नहीं जा सकेगा। राज्य में पहले से ही मौजूद सरकारी स्कूल ही विकसित व अपग्रेड किए जाएंगे, नए स्कूल नहीं खुलेंगे। पीएम श्री योजना में शामिल होने के लिए स्कूलों को खुद आवेदन करना होगा। केंद्रीय टीम की जांच के बाद स्कूलों को हरी झंडी मिलेगी। विदित हो कि,पीएम श्री योजना के क्रियान्वयन के लिए केंद्र के साथ राज्यों को एक एमओयू करना होगा। इसके अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति की सिफारिशों को पूरी तरीके से लागू किया जाएगा। जो स्कूल चयनित होंगे उन्हें अपने नाम के साथ पीएम श्री लगाना अनिवार्य होगा। इसमें बदलाव नहीं होगा। इसके अलावा अन्य निर्देशों का भी पालन करना होगा।*
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क्या होगा खास पीएम श्री स्कूलों में*
*पीएम श्री स्कूलों की खास बात यह होगी कि,यहां स्किल डेवलपमेंट के लिए ज्यादा प्रयास किए जाएंगे। वर्तमान समय के अनुसार इन स्कूलों में सभी आवश्यक सुविधाएं होंगी। स्थानीय भाषा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके तहत छत्तीसगढ़ी के लिए शिक्षक भी नियुक्त किए जा सकते हैं*
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पीएम श्री स्कूलों में चयन के लिए यह सुविधाएं होना जरूरी*
*निर्देश में कहा गया है कि,पीएम श्री स्कूल में चयन होने के लिए स्कूलों को स्वयं आवेदन करना होगा। इसके लिए कुछ सुविधाएं होना जरूरी होंगी जैसे स्कूलों के अच्छे भवन और खेल का मैदान, स्कूल में बच्चों की दर्ज संख्या राज्य की औसत दर्ज संख्या से अधिक, स्कूल में स्वच्छ पेयजल, बिजली,पुस्तकालय एवं खेल सामग्री होना जरूरी होगा। ऐसी सुविधा वाले स्कूलों को प्राथमिकता मिलेगी। शुरुआती 2 साल तक केंद्र से हर साल में 4 बार पोर्टल ओपन होंगे।*
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पीएम श्री योजना अंतर्गत फ्री प्राइमरी से बारहवीं तक होंगे विद्यालय*
*पीएम श्री योजना में शामिल होने वाले स्कूल केंद्रीय विद्यालय की तरह ही केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधीन होंगे। इन स्कूलों में प्री प्रायमरी से 12वीं तक की पढ़ाई होगी। स्कूलों को विकसित व अपडेट करने के लिए केंद्र से अनुदान मिलेगा। केंद्र सरकार 5 साल तक स्कूल चलाएगी, इसके बाद राज्य सरकारों को निर्धारित नियमों के अनुसार अपने बजट से स्कूलों का संचालन करना होगा*

