2 करोड़ 12 लाख रुपये के ठगी के केस में गिरफ्तार पार्क एवन्यु करने गई थी कोतवाली पुलिस
रायगढ़. 420 के मामले में 7 महीने से फरार कॉलोनाइजर को गिरफ्तार करने उसके ढिमरापुर चौक पार्क एवेन्यु काॅलोनी बंगला नंबर 45 में गई कोतवाली थाने के पुलिसकर्मियों पर आरोपी ने पिस्टल तान दी। इस वजह से पुलिस को बैरंग लौटना पड़ा। इसके बाद प्रधान आरक्षक नंदकुमार सारथी ने आरोपी कॉलोनाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। घटना 4 अक्टूबर की बताई जा रही है।
वहीं प्रधान आरक्षक ने 6 अक्टूबर को आरोपी कॉलोनाइजर सुशील अग्रवाल के खिलाफ कोतरा रोड पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराई। गौरतलब है कि कॉलोनाइजर के खिलाफ इसके पहले 420 के तहत मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। वह मामले में 7 महीने से फरार था। उसके पार्क एवेन्यु स्थित बंगले में होने की सूचना पर पुलिस की टीम गिरफ्तार करने गई थी और वहां आरोपी ने प्रधान आरक्षक पर पिस्टल तान दिया। इसके बाद प्रधान आरक्षक के मौके-हालात की जानकारी एसपी को दी। एसपी ने टीम को बैरंग लौटने को कहा, ताकि अनहोनी न हो जाए। इसके बाद प्रधान आरक्षक ने आरोपी सुशील अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया है। पुलिस का कहना है आरोपी ने जो अपराध किया है, वह बेहद गंभीर है। आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। इसके लिए पुलिस ने मुखबिर समेत पूरी टीम को सतर्क कर दिया है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लेंगे।
इनके साथ आरोपी को गिरफ्तार करने गए थे
4 अक्टूबर को सूचना मिली कि आरोपी सुशील अग्रवाल पार्क एवेन्यु स्थित बंगले पर है। सारथी के साथ प्रधान आरक्षक विक्रम चौरसिया, श्यामदेव साहू, आरक्षक अजय साथ और एलिसा टोप्पो को साथ लेकर गए हुए थे, तभी आरोपी ने बंदूक तान दी। पुलिस ने आरोपी 45 वर्षीय सुशील पर खिलाफ 353,186, 25,27 ऑम्स एक्ट का केस दर्ज किया है।
नागपुर भी गई पुलिस लेकिन वह नहीं मिला
प्रधान अारक्षक नंदकुमार सारथी ने बताया आरोपी सुशील को थाना से उसके पते पर नोटिस देकर थाना तलब किया था। इसके बाद से आरोपी लगातार फरार था। आरोपी के नागपुर में होने की सूचना मिलने पर सारथी के साथ पुलिस भी गई थी। नोटिस तामील की गई थी। आरोपी को बार-बार नोटिस भी दिया गया, लेकिन उसने विवेचना में सहयोग नहीं किया।
धोखाधड़ी: 2 करोड़ 12 लाख ठगी के केस में गिरफ्तार करने गई थी पुलिस
कोतवाली पुलिस के अनुसार सुशील और करन अग्रवाल के खिलाफ 420 मामला दर्ज है। वे चक्रधर नगर थाना क्षेत्र में बंगुरसिया इलाके में कॉलोनी डेवलप करने की बात कही थी। इस पर मनीष शुक्ला और उसके साथी ने फरवरी में दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। इस दौरान सुशील अग्रवाल ने दोनों से 2 करोड़ 12 लाख रुपए लिए थे। सुशील और करन ने इसी जमीन पर कॉलोनी डेवलप करने की बात कहकर दूसरे लोगों से भी पैसे लिए थे। यह जानकारी जैसे ही मनीष और उनके साथी को हुई तो उन्होंने पैसे की मांग की, लेकिन सुशील और करन ने नहीं दिए। लंबे समय तक उन्हें घुमाता रहा। जब रुपए वापस नहीं मिले तो चक्रधर नगर थाने में करन और सुशील अग्रवाल के खिलाफ धारा 406, 420, 34 के तहत एफआईआर दर्ज कराई थी। फरवरी में एफआईआर दर्ज की गई थी।

