बिलासपुर. कुठेड़ा पंचायत के विभाजन की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे युवाओं को एसडीएम ने जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया। एसडीएम शशिपाल शर्मा घुमारवीं ने कहा कि उनका पक्ष सरकार के समक्ष रखा जाएगा। युवाओं ने कहा कि यदि 15 दिन के भीतर इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया तो फिर से अनशन शुरू किया जाएगा।
इससे पहले पुलिस ने रविवार आधी रात को युवाओं को वहां से उठाने का प्रयास किया। पुलिस के इस रवैये पर कड़ी आपत्ति जताते हुए युवाओं ने वहां से जाने से इंकार कर दिया। उन्होंने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस घटनाक्रम के सोशल मीडिया पर लाइव दिखाए जाने की जानकारी मिलते ही पुलिस के रवैये में बदलाव आ गया।
कुछ देर बाद पुलिस वहां से वापस लौट गई। वहीं, पुलिस की कार्रवाई का पता चलने पर बड़ी संख्या में लोग युवाओं के समर्थन में अनशन स्थल पर पहुंच गए। कुठेड़ा पंचायत की आबादी और क्षेत्रफल के लिहाज से इसके विभाजन की मांग को लेकर युवक मंडल मसौर के बैनर तले आशीष मेहता, गौरव सिंह, साहिल मेहता व विनय गत 23 अक्टूबर से आमरण अनशन पर बैठे हैं।
रविवार शाम के समय स्वास्थ्य विभाग की एक टीम ने युवाओं का मेडिकल चेकअप भी किया। आरोप है कि पुलिस ने धक्कामुक्की करने के साथ ही उन्हें धमकी भी दी। इस पर आपत्ति जताते हुए युवाओं ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। सोमवार सुबह बड़ी संख्या में लोग मसौर पहुंचते रहे। जिला कांग्रेस महासचिव संदीप सांख्यान युवाओं के साथ अनशन स्थल पर बैठे रहे। वहीं, जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं लद्दा पंचायत प्रधान अंजना धीमान, पूर्व विधायक बंबर ठाकुर तथा भीष्म सिंह, सुखदेव सिंह, जयमल, मदन सिंह, नरोत्तम सिंह, निक्काराम, कैप्टन सुभाष शर्मा, सूरम सिंह, अशोक व कांता समेत कई अन्य लोग भी युवाओं के समर्थन में मौके पर पहुंचे।
सोमवार को युवक मंडल के संयोजक अरविंद मेहता तथा अनशन पर बैठे चारों युवाओं के साथ ही उनका समर्थन कर रहे जिला कांग्रेस महासचिव संदीप सांख्यान ने घुमारवीं पुलिस की कार्रवाई के विरोध में एसपी को शिकायत भेजी। एसपी दिवाकर शर्मा का कहना है कि पुलिस को सूचना मिली थी कि अनशन पर बैठे 2 युवकों की हालत ठीक नहीं है।
पुलिस ने स्वास्थ्य विभाग को इससे अवगत करवाया। मेडिकल टीम मौके पर पहुंची। आधी रात को स्वास्थ्य विभाग से सूचना मिली कि 2 युवाओं की हालत अधिक खराब है। उन्हें तुरंत अस्पताल पहंुचाया जाना जरूरी है। इसी के चलते पुलिस ने रात को मसौर पहुंच कर युवाओं को अस्पताल ले जाने का प्रयास किया।
कुठेड़ा पंचायत के विभाजन की मांग को लेकर अनशन पर बैठे युवाओं के समर्थन में एकत्रित हुए लोग। लेकिन लोगों को ध्यान रखना चाहिए कि कोरोना संकट में मास्क डालें और सोशल डिस्टेंसिंग भी बनाकर रखें। जिस जगह अनशन चल रहा है वहां सिर्फ इक्का-दुक्का लोगों ने ही मास्क लगाएं है जबकि सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन भी नहीं किया है।
पुलिस को रात में युवाओं की चिंता करना, हैरान करने वाली बातः रामलाल
बिलासपुर| कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं नयनादेवी के विधायक रामलाल ठाकुर ने कुठेड़ा पंचायत के विभाजन की मांग को लेकर अनशन पर बैठे युवाओं के साथ पुलिस के व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि दिन के समय लोगों की शिकायतों को नजरअंदाज करने वाली पुलिस को आधी रात के बाद अनशन पर बैठे युवाओं की चिंता सताना हैरान करने वाला पहलू है।


