छत्तीसगढ़ के मरवाही और कोरबा जिलों में हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में हाथियों ने दो ग्रामीणों की जान ले ली और कई मकानों को नुकसान पहुंचाया है। कटघोरा वन मंडल के पसान रेंज में सोमवार रात एक दंतैल हाथी ने तीन मकानों को तोड़ दिया और वहां रखे धान को खा गया। इसके अलावा गन्ने की फसल को भी बर्बाद कर दिया। ग्राम बीजाडांड़ में इंद्रपाल सिंह मरावी के मकान और खेत को नुकसान पहुंचाया गया, वहीं टंकी भी तोड़ दी गई।
ग्रामीणों ने शोर मचाकर हाथी को किसी तरह जंगल की ओर खदेड़ा, लेकिन डर का माहौल अब भी बना हुआ है। सुखाबहरा गांव में भंवर सिंह और कन्हैया के मकानों को भी नुकसान हुआ है। यह वही हाथी है जिसने मरवाही में एक युवक को कुचलकर मार डाला था।
कोरबा वन मंडल के लेमरू रेंज में 39 हाथियों का दल घूम रहा है, जिन्होंने नकिया गांव में सात किसानों की फसल नष्ट कर दी है। वहीं बालकों क्षेत्र के दुधीटांगर में 13 हाथी देखे गए हैं। गीतकुंवारी गांव में धरमजयगढ़ से आया एक दंतैल हाथी भी सक्रिय है।
वन विभाग हाथियों पर नजर बनाए हुए है और मुनादी के ज़रिए लोगों को जंगल की ओर न जाने और हाथियों से छेड़छाड़ न करने की चेतावनी दी जा रही है। ग्रामीणों की सुरक्षा और फसलों की रक्षा के लिए तत्काल ठोस कदम उठाना जरूरी हो गया है।


