छत्तीसगढ़ में हुए बहुचर्चित शराब घोटाले की जांच में एक महत्वपूर्ण मोड़ आया है। राज्य की भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की संयुक्त टीम ने दिल्ली से कारोबारी विजय भाटिया को गिरफ्तार कर लिया है। भाटिया को रविवार को रायपुर लाया गया और प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट (जेएमएफसी) की अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें एक दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
क्या है मामला?
एसीबी/ईओडब्ल्यू की जांच के अनुसार, विजय भाटिया छत्तीसगढ़ में विदेशी शराब बनाने वाली कंपनियों और उनके आपूर्तिकर्ताओं से मोटा कमीशन लेकर उन्हें अनैतिक रूप से फायदा पहुंचा रहा था। इस प्रक्रिया में सरकारी तंत्र की अनदेखी करते हुए, शराब आपूर्ति और वितरण प्रणाली में भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया गया, जिससे राज्य सरकार को भारी राजस्व की हानि हुई।
भाटिया पर आरोप है कि उसने विदेशी शराब कंपनियों से अवैध सौदे किए और उनके उत्पादों को बाजार में प्रचलित करने के लिए प्रशासनिक और राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया। इसके बदले में उसे करोड़ों रुपये का कमीशन मिला। जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह घोटाला केवल वित्तीय हानि तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार उच्च स्तर के अधिकारियों और राजनीतिज्ञों से भी जुड़े हो सकते हैं।
दर्ज हुए कानूनी प्रावधान
विजय भाटिया पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिनमें आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोप शामिल हैं। इसके अलावा, उन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और 12 के अंतर्गत भी मुकदमा चलाया जा रहा है। इन धाराओं के तहत सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने या देने का प्रयास करने जैसे गंभीर अपराध आते हैं।


