छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश की सीमा पर स्थित सुकमा जिले और आंध्र के पूर्वी गोदावरी क्षेत्र में मंगलवार को एक बड़ी नक्सली मुठभेड़ हुई। इस ऑपरेशन में आंध्र प्रदेश की स्पेशल ग्रेहाउंड फोर्स ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन वांछित नक्सलियों को मार गिराया। मारे गए नक्सलियों में एक केंद्रीय कमेटी सदस्य (CCM) और दो क्षेत्रीय स्तर के शीर्ष नेता शामिल हैं।
यह मुठभेड़ पूर्वी गोदावरी जिले के मारेडवेल्ली के घने जंगलों में हुई, जहां सुरक्षा बलों और माओवादियों के बीच भारी गोलीबारी चली। मुठभेड़ के दौरान मारे गए नक्सलियों की पहचान गजरला रवि उर्फ उदय (CCM/सचिव, AOBSZC), रावी वेंकट चैतन्य उर्फ अरुणा (SZCM, AOBSZC और केंद्रीय कमेटी सदस्य चलपति की पत्नी), और अंजू (ACM, AOBSZC) के रूप में हुई है।
अरुणा का नाम पहले भी चर्चा में
अरुणा, जो चलपति की पत्नी थीं, पहले भी नक्सली गतिविधियों में सक्रिय रही हैं। चलपति कुछ समय पहले छत्तीसगढ़ में सुरक्षा बलों के साथ एक मुठभेड़ में मारा गया था। अरुणा की मौत माओवादियों के लिए एक बड़ा झटका मानी जा रही है, क्योंकि वह संगठन की रणनीति और क्षेत्रीय संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थीं।
हथियार और दस्तावेज बरामद
मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों ने मौके से दो एके-47 राइफलें, कई मैगजीन, विस्फोटक सामग्री, माओवादी साहित्य और अन्य सैन्य उपकरण बरामद किए हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि नक्सली किसी बड़ी गतिविधि की योजना बना रहे थे, जिसे सुरक्षाबलों ने समय रहते विफल कर दिया।
आधिकारिक पुष्टि
मामले की पुष्टि अल्लूरी सीताराम जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) ने की है। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया और इसमें ग्रेहाउंड फोर्स ने कुशलता से कार्रवाई को अंजाम दिया। इस मुठभेड़ को माओवाद विरोधी अभियान में एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।
नक्सली नेटवर्क को बड़ा झटका
इस मुठभेड़ के बाद माओवादियों के AOBSZC (आंध्र-ओडिशा बॉर्डर स्पेशल ज़ोन कमेटी) नेटवर्क को गंभीर झटका लगा है। नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों की उपस्थिति और निगरानी अब और मजबूत की जा रही है।
यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों की दृढ़ इच्छाशक्ति और संगठित रणनीति का परिणाम है, जो आने वाले समय में माओवादी नेटवर्क को कमजोर करने में अहम भूमिका निभा सकती है।


