शेखरपुर आश्रम में महाअष्टमी पर मां काली की विशेष पूजा-अर्चना, उमड़ा श्रद्धा का सैलाब*
जशपुर, रायगढ़, अंबिकापुर, कोरबा समेत ओडिशा-झारखंड से पहुंचे श्रद्धालु, भक्ति और आस्था से सराबोर हुआ आश्रम परिसर
पत्थलगांव। छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत शेखरपुर में स्थित प्रसिद्ध औघड़ बाबा आश्रम शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। महाअष्टमी के विशेष अवसर पर आश्रम परिसर में स्थित मां काली मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना, महाआरती एवं हवन का आयोजन किया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की आवाजाही शुरू हो गई और दिनभर धार्मिक वातावरण बना रहा।
महाअष्टमी के अवसर पर मां काली मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। रंग-बिरंगी रोशनी, विशेष सजावट और धार्मिक अनुष्ठानों ने पूरे आश्रम परिसर को भव्य स्वरूप प्रदान किया। श्रद्धालुओं ने मां काली के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा परिवार की सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
शेखरपुर आश्रम की धार्मिक आस्था केवल पत्थलगांव क्षेत्र तक सीमित नहीं है। महाअष्टमी के अवसर पर जशपुर, रायगढ़, अंबिकापुर और कोरबा सहित ओडिशा एवं झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। भक्त मां काली के दर्शन के साथ औघड़ बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए आश्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हैं।
श्रद्धालुओं की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए आश्रम परिसर में व्यवस्थाओं को पहले से ही व्यवस्थित किया गया। साफ-सफाई, रंग-रोगन, भव्य लाइटिंग, श्रद्धालुओं के आवागमन तथा सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया। दूर-दराज से आने वाले भक्तों के लिए रात्रि विश्राम की व्यवस्था भी की गई।
महाअष्टमी के दिन शेखरपुर आश्रम में घंटियों की गूंज, जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय नजर आया। श्रद्धालुओं का कहना है कि मां काली के दरबार में सच्ची श्रद्धा से आने वाले भक्तों को मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है। नवरात्र के दौरान शेखरपुर आश्रम में उमड़ने वाली आस्था की यह भीड़ क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करती है।



