राजस्व कार्य हो रहा प्रभावित, तहसील कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं किसान
रायगढ़. जिले के 320 पटवारी 11 दिनों से हड़ताल पर हैं। एेसे में सारे काम 40 आरआई के भरोसे संचालित हैं। 14 दिसंबर से चल रही हड़ताल का असर जिले के सभी प्रकार के राजस्व के कार्यों पर पड़ा है। किसान तहसील कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। रेवेन्यू इंस्पेक्टरों को पटवारी का अतिरिक्त कार्य सौंपा है पर संख्या कम होने से काम प्रभावित हो रहे हैं। पटवारी संघ नौ सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष भागवत कश्यप ने बताया कि आगे आंदोलन में क्रमिक भूख हड़ताल की जाएगी और जरूरत पड़ी तो अनशन का रास्ता अपनाया जाएगा, वही प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के जिला इकाई ने भी आंदोलन काे समर्थन दिया है ।
यह है पटवारियों की प्रमुख मांगें
जिले में 410 पदों में 320 पटवारी है जिनमें से कई को एक से ज्यादा जगहों का प्रभार दिया गया है। साथ ही वर्तमान में हर कार्य ऑनलाइन हो चुका है। इसके लिए न सिर्फ कंप्यूटर-लैपटाप बल्कि उसमें इंटरनेट की भी आवश्यकता होती है, लेकिन आज तक पटवारियों को संसाधन उपलब्ध नहीं कराया है। गिरदावरी, कृषि संगणना, लघु सिंचाई संगणना, ऑनलाइन फसल एंट्री, अभिलेख सुधार आदि कार्य के लिए समय तया किया जाता है , लेकिन यह निर्धारण एक हल्के के पटवारी और दो या तीन हल्के के पटवारियों के लिए समान रहता है। निर्धारित समय में अतिरिक्त हल्के का कार्य भी दबावपूर्वक कराया जाता है। जिससे परेशानी होती है ।
किसानों को ऐसे हो रही है परेशानी
जमीन रजिस्ट्री और नामांतरण के लिए लोगों को चक्कर काटना पड़ रहा है । शिव राठौर एक किसान है और जरूरी काम के लिए अपनी जमीन बेचकर रजिस्ट्री कराना चाहते थे, पर हड़ताल के चलते उनका काम नहीं हो पा रहा है। जिससे पैसे नही मिलने से वो परेशान है, वही एनएल निषाद को घर बनाने के लिए जमीन का डायवर्सन कराना था जो नही हो पा रहा है ।
कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर रहे हैं ^पटवारियों के हड़ताल में जाने के बाद आरआई को अतिरिक्त प्रभार दिया गया है । संख्या में कम होने पर इनको ज्यादा काम करना पड़ रहा है। प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूरा किया जा रहा है।” युगल किशोर उर्वसा, एसडीएम रायगढ़
साभार: दैनिक भास्कर

