जशपुर. जिले की लाइफलाइन नेशनल हाइवे 43 का निर्माण अभी चल रहा है। शिवालया कंस्ट्रक्शन कंपनी ने कुनकुरी से झारखंड बॉर्डर शंख नदी पुल तक हाइवे का निर्माण पूरा कर लिया है। इस पर वाहनों का आवागमन हो रहा है, लेकिन इस नई सड़क पर कुछ जगहों पर दरारें पड़नी शुरू हो गई है। ऐसे में लोग घटिया निर्माण की आशंका जता रहे हैं। वहीं कंपनी सड़क की दरारों को छुपाने के लिए उसमें सीमेंट भर रही है, ताकि लोगों को सड़कों में आई दरार ना दिख सके। शिवालया कंपनी द्वारा किए जा रहे गुणवत्ताविहीन सड़क निर्माण की अब पोल खुलनी शुरू हो गई है। नई बनी सड़क में कई स्थानों में दरार भी आ गई हैं। जिसे कंपनी ने मरम्मत कराकर दरारें भरनी शुरू कर दी है। लोरा घाट से लेकर लोदाम बाॅर्डर तक कई स्थानों में दरारें आसानी से देखी जा सकती है, जिसे कंपनी द्वारा सीमेंट भरकर कर दरार को बंद कर दिया गया है। लोरो घाट के ऊपर चांपा टोली के पास सड़क पर जगह-जगह दरारें आ गई है। लंबे समय बाद केन्द्र से जिले को बेहतर क्वालिटी की चौड़ी डामर लैस सीसी सड़क की स्वीकृति मिली है। यह काम बाहर की कंपनियों द्वारा किया जा रहा है। इसलिए जनता ने उम्मीद बांधी थी कि इस बार बेहतर काम होगा और अब जो सड़क बन रही है वह स्थायी होगी। सड़क की समस्या से जिलेवासी मुक्त होंगे। लेकिन नई सड़क में दरार आ जाने से लोग अब सड़क की गुणवत्ता पर ही सवालिया निशान उठाने लगे हैं।
54 किमी में मात्र 8 किमी का एक साइड हुआ निर्माण
पत्थलगांव से कुनकुरी तक एनएच 43 का काम पूर्व में जीवीआर कंपनी को मिला था। कंपनी काम अधूरा छोड़कर पत्थलगांव से चली गई। इससे बीते 3 साल से सड़क का निर्माण शुरू नहीं हो सका था। कंपनी द्वारा कुनकुरी से पत्थलगांव तक 54 किमी तक सड़क निर्माण का कार्य शुरू कराया है पर कंपनी ने वर्तमान में 54 किमी में 8 किमी ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू किया गया है, वहीं 46 किलोमीटर तक के सड़क का निर्माण कार्य अभी तक प्रारंभ नहीं हो सका है।
हाइवे बनने के बाद पूरे पैनल को बदल देंगे
“नई सड़क में जहां भी दरारें आई है, उन्हें अभी अस्थायी रूप भरा गया है। निर्माण पूरा होने के बाद पूरे पैनल हो की बदल दिया जाएगा। सड़क में यदि कुछ गड़बड़ी होती है तो उसका सुधार कंपनी द्वारा किया जाएगा। सड़क के 4 वर्ष का मेंटेनेंस कंपनी को ही करना है।”
-संजय दिवाकर, एसडीओ, एनएच
साभार: दैनिक भास्कर

