शहर के बीच निगम कॉम्प्लेक्स में पहले फ्लोर में ज्यादातर दुकानें बंद, दूसरे फ्लोर में लगा ताला
रायगढ़. निगम ने एसपी ऑफिस के बगल में बने अपने कॉम्प्लेक्स में की दुकानों के लिए सातवीं बार टेंडर जारी किया फिर भी खरीदार नहीं आ रहे हैं। निगम सालों से फर्स्ट और सेकंड फ्लोर की दुकानों को बेचने की कोशिश कर रहा है। शहर के मध्य और व्यावसायिक इलाके में बने परिसर का डिजाइन खराब होने के कारण ग्राउंड फ्लोर की ही दुकानें चलती हैं। पहले और दूसरे मंजिल पर बाजार आबाद नहीं हो सका है। अब इसे शॉपिंग मॉल की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
निगम के कॉम्प्लेक्स में पर्याप्त पार्किंग स्पेस और अच्छा लोकेशन होने के बाद भी रौनक नहीं है। अब निगम इसे प्राइवेट मॉल जैसा बनाएगा ताकि पहले, दूसरे फ्लोर की दुकानों पर रौनक हो। दूसरे फ्लोर की दुकानों के लिए खरीदार नहीं मिला है। ग्राहकों की कमी के कारण पहले फ्लोर की दुकानें बंद हो गई हैं। नगर निगम की टीम ने न्यू कॉम्प्लेक्स के फ्रंट एलिवेशन को पूरी तरह से बदलने प्लानिंग बनाई है। इसके लिए निगम के आयुक्त ने इंजीनियर्स से चर्चा कर तैयारी शुरू कर दी है। परिसर बनने के 7 साल बाद भी यह आबाद नहीं हो पाया है। दरअसल पहले और दूसरे माले की दुकानें अंदर बनाई गई हैं। सड़क की तरफ से लोगों को दीवार दिखती है। ग्राउंड फ्लोर की दुकानों पर ही भीड़ रहती है। बाकी दुकानें अंदर की तरफ हैं। शहर का कोई दूसरा व्यवसायी दुकान नहीं लेना चाहता। संजय कॉम्प्लेक्स से विस्थापन के रूप में जिनके नाम पर दुकानें थी। उन्होंने ही अपनी दुकानें खोलीं बाकी फर्स्ट और सेकंड फ्लोर पर दुकानों में ताला जड़ा हुआ है।
निगम के भवनों से नहीं होती है आमदनी
कमजोर प्लानिंग के कारण जेल काम्प्लेक्स, कोतरा रोड समेत अन्य जगहों पर बने निगम के परिसरों में बाजार आबाद नहीं हो पाए। करोड़ों रुपए खर्च कर बने ये परिसर आबाद हों तो निगम की आय भी बढ़ेगी।
एक करोड़ से अधिक मिलेगी प्रीमियम राशि
निगम की खाली 40 दुकान और 9 हॉल से प्रीमियम राशि ही एक करोड़ से अधिक बन रही है। एक-एक दुकान की प्रीमियम राशि साढ़े तीन लाख तक है। इसी तरह हॉल के लिए प्रीमियम राशि 20 लाख रुपए तक है। सभी दुकानें केवल बुक हो जाएं तो निगम को राजस्व के रूप में 1 करोड़ रुपए से अधिक मिलेगा। लेकिन कोई दुकानें लेने के लिए ही तैयार नहीं है।
बढ़ाएंगे खूबसूरती
“अभी हम ग्राउंड पर काम कर रहे हैं। फ्रंट एलिवेशन को बदल कर कांप्लेक्स को नया स्वरूप देना का प्लान है ताकि व्यवसायी यहां आने में रुचि लें।’’
-आशुतोष पांडेय, आयुक्त, ननि

