प्रैक्टिकल जरूरी इसलिए क्लास, एनएसयूआई ने उच्च शिक्षा मंत्री से की मुलाकात
रायगढ़. कॉलेजों में पीजी साइंस की पढ़ाई इसी महीने से शुरू हो सकती है। साइंस के विषयों में प्रैक्टिकल जरूरी है, कॉलेज नहीं खुलने से स्टूडेंट्स की पढ़ाई प्रभावित हुई है। इसे देखते हुए कुलपति और उच्च शिक्षा विभाग के अफसरों ने जो रिपोर्ट बनाकर राज्य सरकार को भेजी है, उसमें सबसे पहले साइंस कॉलेजों को खोलने की बात कही गई है। यदि कोरोना की स्थिति नहीं बिगड़ती है तो ग्रेजुएशन की भी क्लासेस शुरू की जाएंगी। कुलपति और अफसरों ने जो रिपोर्ट तैयार की है उसमें अब राज्य सरकार को मंजूरी देनी है। हालांकि एनएसयूआई के स्थानीय पदाधिकारी कुछ दिनों पहले उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल से मुलाकात की थी, जिसमें उमेश ने 15 जनवरी तक पोस्ट ग्रेजुएशन के क्लासेस शुरू होने की बात कही है। शुक्रवार से मध्यप्रदेश में भी कॉलेज खुल गए है। उसमें 50 फीसदी स्टूडेंट्स के साथ कॉलेज खुलने और ऑनलाइन पढ़ाई कराने के लिए कहा गया है।
संक्रमण नहीं हुआ तो… ग्रेजुएशन की पढ़ाई बाद में
उच्च शिक्षा विभाग के डायरेक्टर शारदा वर्मा के मुताबिक पीजी में स्टूडेंट्स कम हैं इसलिए डिस्टेंसिंग के साथ पहले उनकी पढ़ाई होगी। अंडर ग्रेजुएशन यानी स्नातक के छात्र अभी ऑनलाइन पढ़ रहे हैं। कॉलेजों की ऑनलाइन क्लास बिलासपुर से जोड़ी गई है। उसमें भी 50-60 फीसदी स्टूडेंट्स जुड़ पाते हैं। शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार मार्च में पीजी का सेमेस्टर एग्जाम की भी परीक्षाएं होनी है, इसलिए उनकी पढ़ाई कराकर कोर्स पूरा कराना बड़ी चुनौती है।
साभार: दैनिक भास्कर

