दाे दिन हुए टीकाकरण में पहले दिन 71 व दूसरे दिन 56% लोगों ने लगवाया टीका
जशपुर. विश्वव्यापी महामारी कोरोना के खिलाफ छिड़ी जंग उद्घाटन के तुरंत बाद धीमी हो चुकी है। राज्य सरकार ने टीकाकरण के लिए नए केन्द्र खोले जाने का प्रस्ताव को फिलहाल स्थगित कर दिया है। जिन तीन केन्द्रों में वैक्सीनेशन की लांचिंग हुई थी, अभी सिर्फ उन्हीं केन्द्रों में स्वास्थ्य कर्मियों को टीके लगाए जाएंगे। टीकारकण भी सप्ताह में सिर्फ चार दिन होगा। मंगलवार व शुक्रवार को टीके नहीं लगाए जाएंगे। 16 व 18 जनवरी को हुए टीकाकारण पर गौर करें तो अभी स्वास्थ्य कर्मी भी टीके से डरे हुए हैं, इसलिए लक्ष्य के अनुरूप टीके नहीं लग पा रहे हैं। पहले दिन 16 जनवरी को 71 फीसदी और दूसरे दिन 18 जनवरी को 56 फीसदी स्वास्थ्य कर्मियों ने टीके लगवाए थे।
16 जनवरी को टीकाकरण के शुभारंभ के लिए तीन केन्द्र बनाए गए हैं। शहर के नर्सिंग ट्रेनिंग सेंटर, सीएचसी कुनकुरी और सिविल अस्पताल पत्थलगांव से टीकाकरण की शुरुआत की गई । इसके बाद सोमवार से सभी सीएचसी स्तर पर टीकाकरण शुरू किया जाना था, पर शासन का आदेश नहीं पहुंचने के कारण यह शुरू नहीं हो सका। सोमवार को ही इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश स्तर की बैठक हुई। बैठक में फिलहाल नए केन्द्रों में टीकाकरण के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और अभी सभी जिलों में तीन-तीन केन्द्रों में ही टीका लगाने के निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद अब उन्हीं ब्लॉक के स्वास्थ्य कर्मियों को टीके के लिए मैसेज भेजा जाएगा, जिस ब्लॉक में टीकाकरण चल रहा है। बगीचा, फरसाबहार, दुलदुला, मनोरा और कांसाबेल ब्लॉक के हेल्थ वर्करों के लिए टीके का नंबर अभी नहीं आएगा। जिले में पहले चरण के टीकाकरण के लिए 12 हजार 529 हेल्थ वर्करों का नाम पोर्टल में दर्ज है, पर कोविशील्ड वैक्सीन की पहली खेप में 7 हजार 700 डोज ही पहुंचे हैं।
टीकाकरण : दूसरे व तीसरे चरण में होगी और देर
पहले चरण में फ्रंट लाइन हेल्थ वर्करों को शामिल किया है, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन व एएनएम को शामिल किया है। पर अब चूंकि सिर्फ 3 केन्द्रों में ही टीका लगना है तो पहले चरण के टीकाकरण में ही देर होगी। दूसरे चरण में कोरोना के दौरान ड्यूटी कर रहे पुलिस कर्मी, प्रशासनिक अधिकारी कर्मचारियों को टीका लगना है। तीसरे चरण में 50 साल के ऊपर व कम उम्र के ऐसे लोग जो जीवनशैली बीमारियों से जूझ रहे हैं उन्हें टीका लगाया जाना है। पर टीकाकरण की गति में लगे ब्रेक से आम लोगों तक टीका पहुंचने में अभी और दो महीने लग सकते हैं।
स्वास्थ्य कर्मियों में भी देखा जा रहा टीके को लेकर डर
टीका लगवाने के लिए लोग बेझिझक होकर सामने आएं इसलिए टीकाकरण की शुरुआत ही कोविड के सर्विलेंस ऑफिसर से की गई थी। दूसरे दिन सीएमएचओ सहित सभी मेडिकल ऑफिसरों ने टीका लगवाया, पर मोबाइल पर मैसेज भेजे जाने के बावजूद फ्रंटलाइन वर्कर टीका लगवाने के लिए सामने नहीं आ रहे हैं। पहले दिन 29 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मी टीका लगवाने के लिए केन्द्रों तक नहीं पहुंचे। दूसरे दिन विभाग ने 298 लोगों के मोबाइल पर टीका लगवाने के लिए मैसेज भेजा था, जिसमें से 166 लोगों ने ही केन्द्र पहुंचकर टीका लगवाया। जशपुर में 60, कुनकुरी में 48 और पत्थलगांव में सिर्फ 58 लोगों ने ही टीका लगवाया है। टीकाकरण में सबसे ज्यादा उदासीनता कुनकुरी ब्लॉक में देखी जा रही है। बताया जाता है कि हेल्थ वर्कर टीके के साईड इफेक्ट को लेकर डरे हुए हैं।
आज होगा टीकाकरण, खाली पेट ना जाएं
आज तीसरे दिन का टीकाकरण जिले में तीन केन्द्रों में होना है। सभी केन्द्रों में सौ-सौ का लक्ष्य रखा गया है। टीकाकरण के लिए मैसेज हितग्राहियों के मोबाइल पर भेज दिए गए हैं। सर्विलेंस ऑफिसर डॉ पैकरा ने बताया कि टीका लगवाने के लिए लोग नाश्ता करके ही पहुंचे। क्योंकि टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी करने में 55 मिनट से 1 घंटे का वक्त लगता है। टीका लगने के बाद आधे घंटे तक ऑर्ब्जवेसन रूप में रहना अनिवार्य होता है।
कलेक्टर ने लक्ष्य पूरा करने के दिए निर्देश
मंगलवार को कलेक्टर महादेव कावरे में टीएल बैठक में स्वास्थ्य विभाग को लक्ष्य के अनुरूप कोविड टीकाकरण किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि टीके को लेकर जो भ्रम या डर फैलाया जा रहा है, उसे दूर करने के लिए लोगों को जागरूक करें, ताकि लोग बेझिझक होकर टीका लगवाने के लिए सामने आएं। सीएमएचओ ने कहा कि टीका पूरी तरह से सुरक्षित है। अब तक जिले में हुए टीकाकरण में साइड इफेक्ट का कोई केस सामने नहीं आया है।
साभार: दैनिक भास्कर


