कुख्यात कबाड़ी पर दूसरे दिन भी जारी रही सेंट्रल जीएसटी की कार्रवाई
रायगढ़. मंगलवार की शाम मुन्ना कबाड़ी के घर शुरू हुई सेंट्रल जीएसटी की कार्रवाई बुधवार को भी जारी रही। मुन्ना और उसके साथी अफसरों को ना तो कागजात दिखा रही है और ना ही जांच करने दे रही है। अब तक अफसर इस नतीजे पर नहीं पहुंच सकते हैं कि मुन्ना ने कितने की टैक्स चोरी की है। एक घर में कुछ नहीं मिलने पर बुधवार को टीम दूसरे बंगले पर पहुंची। यहां ताला बंद कर दिया गया था। अफसरों ने उसे दबाव डालकर खुलवाया। यहां विभाग को कुछ अहम कागजात मिले हैं। सेंट्रल जीएसटी की टीम दो दिनों से लगातार मुन्ना कबाड़ी के ठिकानों पर दबिश दे रही है। दूसरे दिन रात 11 बजे तक टीम सावित्री नगर स्थित मुन्ना कबाड़ी के बंगले में कागजों को खंगालते रही। शाम 4 बजे तक अफसरों का कहना था कि मुन्ना कबाड़ी से उन्हें कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। ताला तोड़ने के बाद उन्हें कुछ दस्तावेज मिले। जिनके आधार पर उनकी कार्रवाई आगे बढ़ पाई। अब टीम कागजों को जीएसटी रसीद से मिलान करने की कोशिश कर रही है। टीम के कुछ सदस्य लगातार बिल नंबर और जीएसटी नंबर को अपने पोर्टल में डालकर जांच में लगे हुए हैं।
न कबाड़, ना संपत्ति… किसी के कागजात नहीं दिखाए
अफसरों के अनुसार कबाड़ी के पास उसके व्यापार के संबंध में कोई दस्तावेज नहीं है। उसने कौन सा माल कब खरीदा किसको बेचा, कितने में बेचा। उसका पता नहीं लग सका है। किसी भी संपत्ति के संबंध में भी मुन्ना से कोई दस्तावेज नहीं मिल सकें हैं। मुन्ना कबाड़ी द्वारा कितने का जीएसटी चोरी किया गया है इसकी जानकारी लेने में काफी समय लग सकता है। जानकार बताते हैं कि कागजात नहीं दिखाए जाने के बाद भी मुन्ना टैक्स से नहीं बच सकता है। जब व्यापारी द्वारा कागजात न दिखाए जाएं तो विभाग गोदाम या दुकान में इन्वेंट्री (रखा गया माल) और जितने दिनों से व्यापार किया जा रहा है उसके आधार पर टर्न ओवर की गणना कर टैक्स और पेनाल्टी वसूल सकता है।
गोदाम में कोई दस्तावेज नहीं इसलिए घरों में दबिश
सेंट्रल जीएसटी के अफसरों की टीम सबसे पहले गढ़उमरिया स्थित गोदाम गई थी। मंगलवार को दिनभर खोजबीन के बाद भी यहां कोई दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद टीम मुन्ना कबाड़ी के सावित्री नगर स्थित बंगले गई। यहां पर भी पूरे दिन टीम को कुछ नहीं मिला। देर शाम टीम को दूसरे घर से कुछ दस्तावेज मिले हैं।
साभार: दैनिक भास्कर

