पुलिस को मौके पर नहीं मिला सुसाइड नोट, परिजन से कर रही पूछताछ
जशपुर. जिला मुख्यालय में 12 घंटे के अंदर दो स्टूडेंट्स द्वारा आत्महत्या के मामले सामने आने से शहरवासी स्तब्ध है। इसमें 12 वीं के छात्र की आत्महत्या के कारण का पता पुलिस नहीं लगा पाई है तो दूसरे मामले में 12 वीं की छात्रा को परिजन ने ज्यादा फोन का इस्तेमाल करने से मना किया तो क्षुब्ध होकर उसने आत्महत्या कर ली। स्टूडेंट्स द्वारा किए गए आत्महत्या मामले में पुलिस को सुसाइड नोट नहीं मिला है। मिली जानकारी के अनुसार सरनाटोली निवासी छात्रा प्रार्ची जिला मुख्यालय के संकल्प संस्थान की छात्रा थी। गुरुवार को प्रार्ची घर में मोबाइल का इस्तेमाल कर रही थी। फोन का उपयोग करते हुए देखकर उसके मां ने उसे ज्यादा फोन का इस्तेमाल करने से मना किया। इससे वह नाराज हो गई थी। प्राची ने नाराज होकर शाम को अपने घर में फांसी लगा ली। गुरुवार की शाम को ही जब उसके परिजनों ने उसे घर में फांसी के फंदे में झूलते हुए देखे तो आनन फानन में उसे फांसी के फंदे से उतार कर तत्काल जिला अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टर ने प्रार्ची को मृत घोषित कर दिया।
12 वीं के छात्र ने भी की आत्महत्या
शहर के मधुवन टोली में रहने वाला 12 वहीं के छात्र ने भी घर में फांसी लगा कर आत्महत्या कर ली। आयुष किस्पोट्टा शहर के डीपीएस स्कूल में कॉमर्स संकाय का छात्र था। आयुष ने शुक्रवार की सुबह लगभग 4 बजे घर में फांसी लगा ली। परिजन को पता चलने से पहले उसकी मौत हो गई थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतारा। मामले में पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के बाद ही कारण पता चल पाएगा।
इकलौता पुत्र था आयुष
शुक्रवार की सुबह घर में आत्महत्या कर लिए 12 वीं के छात्र आयुष किस्पोट्टा का 8 फरवरी को जन्म दिन है और 8 फरवरी को मृतक 18 वर्ष का हो जाता। लेकिन उसने अपने जन्म दिन के दो दिनों पूर्व ही अज्ञात कारणों से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक आयुष शहर के कांग्रेसी नेता का पुत्र है और वह माता पिता का इकलौता पुत्र था। उसके द्वारा आत्महत्या कर लिए जाने के कारण पूरे परिवार में मातम पसर गया है।
साभार: दैनिक भास्कर

