जशपुर. जशपुर जिले में अब कोरोना पूरी तरह से कंट्रोल में आ चुका है। नए केस मिलने की संख्या अब दहाई से भी कम है। रविवार को जिले भर में 162 लोगों की जांच में सिर्फ 2 नए केस मिले हैं। वर्तमान में जिले में 49 एक्टिव केस हैं, जिसमें से अधिकांश मरीज होम आइसोलेशन में ठीक हो रहे हैं। अब सिर्फ एक अस्पताल एमसीएच जशपुर में मरीज भर्ती हैं। कोरोना के भर्ती मरीजों की संख्या सिर्फ 3 है। जिले में 23 मई को कोरोना का पहला केस सामने आया था। इसके बाद से केस लगातार बढ़ रहे थे। मई के बाद जून, जुलाई व अगस्त के महीने में कोरोना की रफ्तार तेज थी और रोजाना 40 से 50 नए केस सामने आ रहे थे। अक्टूबर माह में कोरोना मरीजों की खोज के लिए वृहद पैमाने पर सामुदायिक सर्वेक्षण का काम चला। इस महीने में सबसे अधिक संख्या में करीब 850 मरीज मिले थे। नवंबर और दिसंबर के महीने में भी कोरोना के मरीजों की संख्या कम नहीं थी। जनवरी महीने से मरीजों की संख्या में कमी आनी शुरू हुई और फरवरी के महीने में कोरोना कंट्रोल में आ गया है।
दो सेंटर चालू, मरीज सिर्फ एक में ही भर्ती
कोरोना मरीजों के इलाज के लिए बनाए गए 13 आइसोलेशन सेंटरों को बंद कर दिया है। वर्तमान में लाइवलीहुड डोंड़काचौरा का कोविड केयर सेंटर और एमसीएच भवन में कोविड हॉस्पिटल चालू है, पर कोविड केयर सेंटर में फिलहाल एक भी मरीज नहीं है। सिर्फ 3 मरीज एमसीएच भवन में हैं। उनका उपचार चल रहा है।
21 अगस्त को कोरोना से हुई थी पहली मौत
जिले में कोरोना से अब तक 33 लोगों की मौत हो चुकी है। पहली मौत करबला रोड निवासी एक व्यक्ति की मौत 21 अगस्त को हुई थी। इस दिन काेरोना के खौफ से बगैर लॉकडाउन शहर की सड़कें सूनी हो गई थी और दुकानें बंद हो गई थीं। बीते महीने 23 जनवरी को कोरोना से 33 वें मौत हुई थी। इसके बाद से मौत के आंकड़े थमे हुए हैं।
कोरोनामुक्त होने के लिए अब बरतनी होगी सावधानी
कोरोना की वैक्सीन आ चुकी है। प्रथम चरण के तहत हेल्थ वर्कर व दूसरे चरण के तहत फ्रंट लाइन कोरोना वारियर्स को वैक्सीन लगाने का काम भी जारी है, पर इन सबके बीच आम लोगों तक अभी टीका नहीं पहुंच पाया है। इसलिए सार्वजनिक जगहों पर मास्क का उपयोग, सैनिटाइजर व सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना कोरोना से मुक्ति के लिए जरूरी है।
कोविड अस्पताल में जन्मे बच्चे घर पर स्वस्थ
अधिकांश मरीज अब होम आइसोलेशन में ही ठीक हो रहे हैं। पर विशेष केस जैसे अधिक उम्र के मरीज, गर्भवती महिलाओं को अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। कोविड हॉस्पिटल में डिलिवरी भी हो रही है और बच्चे पूरी तरह से संक्रमण से दूर हैं। 28 जनवरी को सरिता बाई 30 वर्ष ने जिला अस्पताल के कोविड-19 हॉस्पिटल में लड़के को जन्म दिया। इसी तरह से आशा बाई 20 वर्ष ने भी 29 जनवरी को कोविड हॉस्पिटल में बेटे को जन्म दिया था। अब ये दोनों महिलाएं अपने घर पर है। महिलाओं ने बताया कि वे और उनके बच्चे दोनों सुरक्षित हैं और पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
साभार: दैनिक भास्कर

