रायगढ़. जिले में कोरोना वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई जा रही है। हेल्थ अफसरों के मुताबिक टीकाकरण को सुरक्षित मान कर लोगों का डर निकल रहा है। दूसरी डोज में ड्राप आउट (टीका नहीं लगवाने वाले) की संख्या शून्य है। 50 से अधिक उम्र और गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को टीका लगाने को लेकर फिलहाल केंद्र से कोई गाइडलाइन नहीं आई है लेकिन जिले में इसकी तैयारी पूरी है, माना जा रहा है कि मार्च की शुरुआत से ऐसे लोगों को वैक्सीन लगाई जाएगी। जिले में लगभग 80 प्रतिशत टीकाकरण हुआ है। जिला टीकाकरण अधिकारी डा. भानू पटेल बताते हैं, वैक्सीनेशन के लिए अब लोग आ रहे हैं। डोज वेस्ट होने की समस्या नहीं है। टीका पूरी तरह से सुरक्षित है। 16 जनवरी को टीकाकरण शुरू किया गया था। हमारा मानना है कि शुरुआत में कुछ लोगों ने डर कर टीका नहीं लगवाया होगा लेकिन अब ऐसी शिकायत नहीं है। जिन्हें पहली डोज लगी उनमें सभी लोगों को फोन कर बुलाना नहीं पड़ रहा है। लोगों में जागरूकता बढ़ी है। जिले में कोरोना वैक्सीन के बाद किसी के संक्रमित होने की जानकारी नहीं है और ना ही कोई साइड इफैक्ट रिपोर्ट किया गया है।
नगर निगम और पंचायत कर्मी सबसे पीछे
टीकाकरण के आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में स्वास्थ्य और राजस्व विभाग के लोग टीका गवाने में आगे हैं। फ्रंट लाइन वर्कर कहे जाने वाले निगम, पुलिस, राजस्व और पंचायत विभाग के कर्मचारियों में 68.3 प्रतिशत लोगों ने ही टीका लगवाया है। इनमें सबसे खराब स्थिति नगर निगम कर्मचारियों की है। घरों से कचरा उठाना, मोहल्लों से लेकर निगम दफ्तरों में शहर के लोगों का आना जाना है। संक्रमण का बड़ा खतरा निगम के लोगों को है फिर भी वैक्सीनेशन के लिए 1714 लोगों में 896 लोग यानि सिर्फ 52 प्रतिशत लोगों ने टीका लगवाया है। 1803 लोगों में लगभग 70 प्रतिशत लोगों ने ही वैक्सीन ली है।
साभार: दैनिक भास्कर


