स्ंाग्राहक परिवारों को हरा सोना का लाभ प्राथमिकता से देने के लिए कहा गया है
महिलाओं को पोरतेंगा गौठान में ईमली प्रसंस्करण के लिए प्रोसेसिंग यूनिट की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी
जशपुरनगर 06 मार्च 2021/ वन विभाग के अंतर्गत जिला यूनियन स्तरीय तेन्दूपत्ता शाखकत्र्तन वन धन विकास एवं अग्नि सुरक्षा कार्यशाला सह-प्रशिक्षण का आयोजन आज जशपुर विकासखंड के गौठान पोरतेंगा में किया गया था। कलेक्टर श्री महादेव कावरे ने कार्यशाला में सभी तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवारों को संबोधित करते हुए कहा कि आगामी मई माह में तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य प्रारंभ होने वाला हैं जिसके लिए शाखकत्र्तन का कार्य प्राथमिकता से कर लें। इस अवसर पर वनमण्डालाधिकारी श्री कृष्ण जाधव, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री के.एस.मण्डावी, उपमण्डलाधिकारी श्री एस.के.गुप्ता, युवा वैज्ञानिक श्री समर्थ जैन, बीडीसी श्रीमती प्रतिमा, सरपंच श्री रोहित खलखो, रामेश्वर सिंह सहित वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी, फड प्रभारी तेन्दूपत्ता संग्राहक परिवार के सदस्य और स्व-सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थी।
कलेक्टर ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहा कि ’’वन है तो हम है’’ इसलिए वनो की रक्षा करना हमसब का दायित्व है। जशपुर जिले के दूरस्थ अंचल क्षेत्रों में लघु वनोपज और अनेक प्रकार के औषधियां बड़ी संख्या में प्राप्त होते है। उन्होंने ग्राम पोरतेंगा के आस-पास ईमली का अधिक संग्रह होने के कारण पोरतेंगा गौठान में खनिज न्यास निधि मद से स्व-सहायता समूह की महिलाओं के लिए ईमली प्रसंस्करण का प्रोसेसिंग यूनिट के लिए राशि देने की बात कही ताकि समूह की महिलाओं को आर्थिक लाभ हो सके। उन्होंने महिलाओ और संग्राहकों को हरा सोना अच्छी गुणवत्ता का प्राप्त हो सके और उनको उनकी विक्रय का सही दाम मिल सके इसके लिए सही समय पर शाखकत्र्तन कार्य करने के लिए कहा गया है। गौठानों में जुड़कर समूह की महिलाओं को अन्य आजीविका से जोड़ने के लिए प्रोत्साहित भी किया। जशपुर जिले में बड़ी संख्या में साल, बीज, महुआ, चिरौंजी, हरा सोना आदि मिलता है। साथ ही तेन्दूपत्ता संग्राहक में लगे पंजीकृत संग्राहक परिवारों के लिए संचालित योजना के बारे में भी जानकारी दी गई और उसका लाभ उठाने के लिए भी कहा गया। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि बस्तर क्षेत्र के निवासी है और उनका परिवार शुरू से ही तेन्दूपत्ता के कार्य से जुड़े हुए है। इस लिए वे वनोपज की उपलब्धता और उसके महत्व को भलिभांति समझते है।
वनमण्डलाधिकारी श्री कृष्ण जाधव ने कहा कि कार्यशाला के माध्यम से आज आप लोगों को तेन्दूपत्ता शाखकत्र्तन की जानकारी दी जा रही है। वैसे तो आप से इस कार्य को भलिभांति करते आ रहे है। और इस कार्य से परिचित है। कार्यशाला का उद्देश्य आगामी 15 मार्च तक शाखकत्र्तन को पूर्ण कराना है ताकि हरा सोना संग्रहण करने में संग्राहकों को आसानी हो सके इसके लिए कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। वन विभाग के माध्यम से समूह की महिलाआंे का वनधन विकास योजना से जोड़कर वनो में मिलने वाले अनेक प्रकार के वनोपज से समूह और उनसे जूड़े परिवारों को लाभांवित करना है। उन्होंने कहा कि वनविभाग द्वारा अब गिलोए से औषधी बनाने का भी कार्य कर रहे है। ताकि प्रशिक्षण के माध्यम से समूह की महिलाओं को पैकिंग बनाने की विधि आदि की जानकारी दी जा सकें और उनके सामानों के विक्रय के लिए उन्हें संजीवनी मार्केट की सुविधा उपलब्ध कराई जा रहा ही है। ताकि समूह की महिलाएं अपने बनाए हुए औषधी का विक्रय कर सके और उनको सही दाम मिल सके।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि गौठानो में समूह की महिलाओं को मल्टी एक्टीविटी के माध्यम से रोजगार से जोड़ा जा रहा है। आज समूह की महिलाएं मुर्गी पालन, बकरी पानल, दोना पत्तल निर्माण, मशरूम उत्पादन के साथ अन्य आजीविका से जुडकर आत्म निर्भर बन रही है। उन्होनंे कहा कि अन्य महिलाएं भी गौठान से जुड़े और आत्मनिर्भर बनें। समर्थ जैन ने समूह की महिलाओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा है कि शासन द्वारा वनोपज से जुड़ी महिलाओं को सुविधा देने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है महिलाएं मेहनत करें और कार्य से जुड़करके अपनी आर्थिक आमदनी बढ़ाए। उन्होंने कहा कि गिलौए से अब दवाई और औषधियां भी बनाने का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। समूह की महिलाओं को वनधन केन्द्र से जोड़ने के लिए प्रशिक्षण पैंकिंग बनाने के विधि की भी जानकारी प्राथमिकता से दी जाएगी।

