सरकारी सेवा से गौ सेवा तक कास्वर्णिम सफर :-*मदन लाल सिंघानिया
दिलो में जिंदा रहेंगे मदन लाल सिंघानिया जी
मदन लाल सिंघानिया जी के गो लोक गमन की खबर पाकर आज गौशाला की गौ माताएं भी व्यथित है l गायों के लिए समर्पित रहने वाला एक शख्स आज गो लोक चला गया l लैलूंगा में 1अक्टोबर 1938 को स्वर्गीय धनसी राम जी के यहां जन्मे मदन लाल जी पाँच भाइयों में चौथे क्रम में थे l 1962 में सरकारी सेवा से जुड़े मदन लाल जी 1996 में रिटायर्ड हुए उसके बाद उनका समय गौ सेवा के लिए समर्पित रहा l उनके दो बेटे आदित्य रोड केरियर के संचालक राजेश( बंटी) व संजय सिंघानिया सफलता पूर्वक व्यवसाय का संचालन कर रहे l उनकी एक पुत्री नागपुर व दूसरी बेटी का रायपुर में विवाह हुआ l अपनी पारिवारिक जिम्मेदारियों से मुक्त होकर उन्होंने जीवन गौशाला के लिए समर्पित कर दिया था l स्वास्थ्य गत कारणों से वे गौशाला के दायित्व से मुक्त भी हो चुके थे l सरकारी सेवा पूरी करने के बाद अपना शेष जीवन गौशाला के लिए समर्पित रहने वाले मदन लाल सिंघानिया अनुशासन प्रिय सच्चाई ईमानदारी के साथ अडिग फैसले लेने वाले व्यक्तित्व के रूप में स्थापित रहे l गायों के प्रति असीम स्नेह को उंन्होने कभी प्रचारित नही किया l बतौर सचिव उनका कार्यकाल स्वर्णिम रहा l प्रतिदिन घंटो गौशाला में समय देना उनकी दिनचर्या में शामिल रहा l गौशाला में गायों के चारा भंडारण हेतु भंडार गृह का निर्माण बीमार गायों की चिकित्सीय व्यवस्था गौशाला की गायों को चिन्हित करना बीमार व बूढ़ी गायों की सेवा दुग्ध उत्पादन बढ़ाना जैसे अनेको कार्य उनके कार्यकाल की ही देन है l गौशाला काम्प्लेक्स की योजना को मूर्त रूप देकर उंन्होने संस्था के खर्च हेतु हमेशा के लिए एक राशि सुनिश्चित करवा दी l पारदर्शिता के साथ मौन होकर लगातार कार्य करते रहना उनकी कार्यशैली रही l गौ सेवा के मामले में उनका अभिमत रहा कि गाये पूजनीय है l भगवान से मुख से अग्नि ब्राम्हण देवता व गौ चारों उत्पन्न हुए है इसलिए ये चारों जगत के जन्मदाता है l भारतीय परंपरा के मत से गाय के शरीर में ३३ करोड़ देवता वास होता हैं, एवं गौ-सेवा से एक ही साथ 33 करोड देवता प्रसन्न होते हैं। गाय के मूत्र में कैंसर, टीवी जैसे गंभीर रोगों से लड़ने की क्षमता होती हैं, जिसे वैज्ञानिक भी मान चुके हैं। गौ-मूत्र के सेवन करने से पेट के सभी विकार दूर होते हैं। भगवान श्री कृष्ण छह वर्ष के गोपाल बने क्योंकि उन्होंने गौ सेवा का संकल्प लिया था। भगवान श्री कृष्ण ने गौ सेवा करके गौ का महत्व बढाया हैं l मदन सिंघानिया जी का रिटायर्ड जीवन गौ सेवा के लिए समर्पित रहा lअमूमन सरकारी सेवा में रहने वालों का समाज सेवा से जुड़ाव नही हो पाता l मदन लाल पहले सरकारी सेवक रहे जिन्होंने समाज सेवा के क्षेत्र में भी स्वर्णिम इतिहास रचा l मदन लाल जी का अभिमत रहा कि इस संसार मे आज हर व्यक्ति किसी न किसी कारणों से दुखी हैं l उंन्होने समस्त परेशानियो व दुःखों का एक मात्र निदान गौ सेवा बताया l मदन लाल सिंघानिया जी ने गौशाला में असम्भव को सभंव कर दिखाया l उनका स्तुत्य योगदान समाज के लिए सदा वंदनीय व स्मरणीय रहेगा l जल संसाधन विभाग में सरकारी सेवाएं देते हुए वे अधीक्षण यंत्री पद से रिटायर्ड हुए l रिटायर होने के बाद गौशाला में उंन्होने अपनी इंजीनियरिंग का बेहतर इस्तेमाल किया l विधाता ने शरीर के जन्म व मृत्यु का विधान बना दिया हो लेकिन मदन सिंघानिया जी के स्तुत्य व प्रेरणादाई कार्य सदा जीवित रहेंगे व आने वाली पीढ़ी का पथ प्रदर्शन करते रहेंगे l
सच्चे गौ सेवक थे मदन लाल सिंघानिया जी :- गोमती साय
रायगढ़ :- मदन लाल सिंघानिया एक सच्चे गौ सेवक थे l गौ सेवा हेतु उनका योगदान आने वाली पीढ़ी के लिए अनुकरणीय मिशाल बनकर रहेगा l क्षेत्र की सांसद गोमती साय ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि समाज ने एक सच्चा गौ सेवक खो दिया l सरकारी सेवा से रिटायर होने के बाद गौशाला में बतौर सचिव उनका योगदान समाज कभी नही भूल पायेगा l सदियों में ऐसे सच्चे सेवक पैदा होते है l सांसद साय ने उनके निधन को समाज के लिए अपूरणीय क्षति निरूपित किया l गौशाला में उनके कार्यो की स्मृतियां सदा मौजूद रहेगी l सांसद साय ने शोक संतृप्त परिवार को दुख सहने हेतु शक्ति प्रदान करने की कामना की है l

