श्रम विभाग ने जारी किया दिशा-निर्देश
रायगढ़, 16 अगस्त 2021/ लैंगिक उत्पीडऩ (निवारण,प्रतिषेध,प्रतितोष)अधिनियम 2013 के तहत कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीडऩ को रोकने के लिए प्रत्येक प्रायवेट सेक्टर, संगठन/संस्थान में आंतरिक परिवाद समिति के गठन किए जाने के संबंध में श्रम विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किए है। जिसके अंतर्गत अधिनियम की धारा 4 के अनुसार ऐसे समस्त कार्यस्थल जहां 10 या 10 से अधिक श्रमिक नियोजित हो, नियोजक लिखित आदेश के द्वारा आंतरिक परिवाद समिति का गठन करेगा। आंतरिक समिति में एक पीठासीन अधिकारी जो कार्यस्थल पर ज्येष्ठ स्तर की महिला अधिकारी होगी, कर्मचारियों में से कम से कम 2 सदस्य तथा एक सदस्य किसी गैर सरकारी संगठन (एनजीओ)से होगी।
अधिनियम की धारा 6 के अनुसार ऐसे संस्थानों जहां से 10 से कम कर्मचारी होने के कारण आंतरिक परिवाद समिति गठित न हो अथवा परिवाद नियोजक के ही विरूद्ध हो तो परिवाद जिला स्तर पर गठित स्थानीय परिवाद समिति को प्रस्तुत किए जा सकेंगे। कलेक्टर के अनुमोदन से रायगढ़ जिले में भी जिला स्तरीय परिवाद समिति गठित है। अधिनियम की धारा 19 के अनुसार प्रत्येक नियोजक का यह कर्तव्य होगा कि वह कार्यस्थल पर महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराएगा। साथ ही वह उपरोक्तानुसार आंतरिक समिति के गठन के आदेश और उत्पीडऩ के दंड को ऐसे स्थान पर प्रदर्शित करेगा, जहां से वह सरलता से दिखलाई पड़े। अधिनियम की धारा 26 के अनुसार कोई नियोजक यदि आंतरिक समिति का गठन करने में असफल रहता हो अथवा अधिनियम के किन्हीं नियमों का उल्लंघन करता हो तो वह राशि रुपए 50 हजार रुपये तक के जुर्माने के दण्डनीय होगा। अपने संस्थान में महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडऩ (निवारण, प्रतिषेध, प्रतितोष)अधिनियम 2013 के अनुसार एक सप्ताह के भीतर लिखित आदेश के द्वारा (प्रारूप संलग्न में), आंतरिक परिवाद समिति का गठन करें एवं आदेश की एक प्रति डाक द्वारा इस कार्यालय को प्रेषित करें। साथ ही आंतरिक परिवाद समिति गठन का आदेश अपने संस्थान में सरलता से दिखलाई पडऩे वाले स्थान पर प्रदर्शित करना सुनिश्चित करें। समिति गठन आदेश की प्रति एवं उसे संस्थान में सभी को सरलता से दिखलाई पडऩे वाले स्थान पर चिपकाकर उसका फोटो विकासखण्ड-रायगढ़, पुसौर, खरसिया श्री बाबूलाल पटेल-श्रम निरीक्षक-99938-42789, रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र-श्री बाबूलाल पटेल, श्रम निरीक्षक-99938-42789, विकासखण्ड-सारंगढ़, बरमकेला, श्री आर.सी.कौशिक, श्रम निरीक्षक-9329743357, विकासखण्ड-घरघोड़ा, तमनार, लैलूंगा, धरमजयगढ़ में श्री एम.एन.सिंह श्रम निरीक्षक-7566009102 पर व्हाट्सअप द्वारा प्रेषित करें।
आंतरिक परिवाद समिति का गठन आदेश
महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडऩ (निवारण, प्रतिषेध, प्रतितोष)अधिनियम 2013 की धारा 4 के अनुसार महिला कर्मचारियों की शिकायत एवं जांच हेतु इस संस्थान में निम्नानुसार आंतरिक परिवाद समिति गठित की जाती है। जिसमें पीठासीन अधिकारी, सदस्य एवं एनजीओ सदस्य रहेंगे। यह समिति इस आदेश के जारी होने के दिनांक से 3 वर्ष के लिए कार्यशील रहेगी। किसी कारण से किसी सदस्य के परिवर्तित होने पर संशोधित आदेश जारी किया जाएगा। अधिनियम के अनुसार लैंगिक उत्पीडऩ के अंतर्गत-शारीरिक संपर्क या उसका प्रयास, लैंगिक मांग लैगिंक टिप्पणियां, अश्लील साहित्य अथवा अथवा अश्लील दृश्य दिखाना, किसी भी प्रकार का लैंगिक आचरण करना सम्मिलित है। संस्थान परिसर में किसी भी व्यक्ति द्वारा ऐसे किसी आचरण की शिकायत महिला कर्मचारी द्वारा आंतरिक समिति को की जावेगी। समिति को शिकायत की जांच करने एवं दोनों पक्षों की सुनवाई करने का अधिकारी होगा। पीडि़त महिला के अनुरोध पर सुलह द्वारा निपटान किया जा सकता है। आंतरिक समिति प्रत्येक शिकातय की जानकारी जिला स्तर पर गठित समिति को देगी। नियोजक के विरूद्ध शिकायत सीधे जिला स्तरीय समिति को की जाएगी।
महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीडऩ (निवारण, प्रतिषेध, प्रतितोष)अधिनियम 2013 की धारा 4 के अनुसार यह प्रमाणित किया जाता है कि इस संस्थान में 10 से कम कर्मचारी होने के कारण महिला कर्मचारियों के लैंगिक उत्पीडऩ की शिकायत एवं जांच हेतु आंतरिक परिवाद समिति गठित नहीं की जा सकती है। अत: संस्थान के महिला कर्मचारी अपने प्रति किए गए किसी भी प्रकार के लैंगिक उत्पीडऩ की शिकायत जिला स्तर पर गठित शिकायत समिति को कर सकते है। जिला स्तरीय समिति में अध्यक्ष-डॉ.काकोली पटनायक, सामाजिक कार्यकर्ता मो.नं.98261-05615, सचिव-जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग, रायगढ़ मो.नं.94252-62447 है। अधिनियम के अनुसार लैंगिक उत्पीडऩ के अंतर्गत-शारीरिक संपर्क या उसका प्रयास, लैंगिक मांग, लैंगिक टिप्पणियां, अश्लील साहित्य अथवा अश्लील दृश्य दिखाना, किसी भी प्रकार का लैंगिक आचरण करना सम्मिलित है। नियोजक सहित संस्थान परिसर में किसी भी व्यक्ति द्वारा ऐसे किसी भी आचरण की शिकायत महिला कर्मचारी द्वारा जिला स्तरीय शिकायत समिति के उपरोक्त अधिकारियों को की जाएगी।


