लक्ष्मी नारायण चौधरी अंधेरे को चीरता प्रकाश पूंज- अशासकीय स्कूलों की हर समस्या के निराकरण में लगा ये तपस्वी नुमा व्यक्ति अपने आप में एक संस्था बन चुका है।।एक पैर तमनार में और एक रायगढ़ में रखने वाले लक्ष्मी नारायण अन्याय के खिलाफ लड़ता हुआ जेल जाने से भी गुरेज नहीं करते,,,। कुछ वर्षों पूर्व जब अनावश्यक अशासकीय स्कूलों को तंग करने का अभियान चला तो लक्ष्मी नारायण चौधरी का मनोबल तोड़ने के लिए सबसे पहले उन्हीं के स्कूल की मान्यता समाप्त की गई, लेकिन आंदोलन का साथी बन चुके इस आदमी की ताकत और अनुभव में इजाफा ही होता गया । मान्यता संबंधी समस्याओं, स्कूलों को मिलने वाले उनके हक के लिए थोड़ा बहुत साथ रहने का अवसर मिला है,, कहीं भी खेत खलिहान में या किसी चबुतरे पर आराम कर लेना , किसी सड़क किनारे होटल पर चाय- नाश्ता करके अपने गंतव्य की तरफ रवाना होना और यदि मंत्री जी दौरे पर हैं तो तीन -चार घंटे उनके बरामदे में काट देना इनके जीवन का हिस्सा है। अभी सामने एक बैनर में उनकी संस्था आदर्श ग्राम भारती द्वारा मनाया जाने वाला स्वास्थ्य एवं स्वच्छता पखवाड़ा का बैनर लगा हुआ है।।इन दिनों वो अपनी खेती और पर्यावरण प्रदुषण पर सक्रिय हैं।यैसे विरले हमारे देश मे कम ही मिलते.है चौधरी जी हर क्षेत्र मे सक्रिय रहते है, खुद की समाज कि कार्य हो या दूसरे समाज की हो वे उनके सहयोग करने में पिछे नही हटते मानो तो तमनार ब्लाक के लिए एक वरदान हैं,साथ ही एक शिक्षा बृन्द गुरूजी है,साथ ही प्राईवेट स्कूल की संचालक है, उनके रायगढ़ जिले के कई ब्लॉको में स्कूल संचालित है, स्कूल खोलने का मुल मकसद हैं हर बच्चे शिक्षित बने पढ़ लिख कर आगे बढ़े देश का नाम रोशन करें, इसे साकार करने के लिए गरीब बच्चों की फ्री एडमिशन फिस माफ करने में उनके संस्था अव्वल है दर्जनों स्कूलों की जिम्मेदारी अपने परिवार की जिम्मेदारी के साथ प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई पर्यावरण स्वच्छता रखने के लिए प्रयासरत हर वर्ष अपने निजी खर्च से लाखो पौधारोपण करते हैं, साथ ही पौधरोपण के लिऐ लोगो को जागरूक करना बैनर पोस्टर लगाने जैसी उल्लेखनीय कार्य उनके जीवन शैली से जुड़ा हुआ है, चौधरी जी यैसे भी विरले है जाति पाति छूआछूत को नही मानते हर समाज जाति धर्म के लोगो का सम्मान करते है,


