कलेक्टर श्री सिंह ने ली महिला बाल विकास विभाग की मासिक समीक्षा बैठक
रायगढ़, 23 सितम्बर2021/ वजन त्यौहार से चिन्हांकित कुपोषित बच्चों की जानकारी को बेसलाईन लेते हुए उन्हें कुपोषण मुक्त करने आगामी 6 महीने की कार्ययोजना तैयार करें। जिसके आधार पर चिन्हांकित एक-एक बच्चे की सेहत पर ध्यान दिया जा सके। उक्त बातें कलेक्टर श्री भीम सिंह ने महिला बाल विकास विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में कही।
कलेक्टे्रट सृजन सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर श्री सिंह ने विभागीय अधिकारियों से कहा कि जिले में पिछले एक साल के दौरान कुपोषण दर में 9 फीसदी से ज्यादा की कमी आयी है। अगले 6 माह में हमें इसे और नीचे लेकर जाना है। जिससे जिले में कुपोषण दर न्यूनतम हो सके। इसके लिए उन्होंने विस्तृत कार्ययोजना के साथ काम करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों में रेडी टू ईट आहार उपलब्ध कराने की उन्होंने समीक्षा की। कुछ जगहों पर रेडी टू ईट तैयार करने वाले महिला समूहों द्वारा काम ठीक ढंग से नहीं करने की बातें पर्यवेक्षकों ने बतायी। इस प्रकार कलेक्टर श्री सिंह ने रेडी टू ईट बनाने वाले तमाम ऐसे समूह जो कार्य में लापरवाही कर रहे है उन्हें बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर श्री सिंह ने इसके साथ ही राज्य स्तरीय टीम द्वारा जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों के निरीक्षण प्रतिवेदन पर चर्चा की। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्रों में खाद्य पदार्थों की उचित रख-रखाव के साथ सभी जानकारी नियमित रूप से पंजियों में संधारित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री सिंह ने आंगनबाड़ी केन्द्रों में उद्यानिकी विभाग को पोषण बाडिय़ों से लिंक्ड आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या बढ़ाने के लिए निर्देशित किया। कोविड टीकाकरण में महिला बाल विकास विभाग की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि एक टीम के रूप में कोविड वैक्सीनेशन के लक्ष्य को हासिल करने में विभाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इसके लिए सभी बधाई के पात्र है।
बैठक में महिला बाल विकास अधिकारी श्री टी.के.जाटवर, सीएमएचओ डॉ.एस.एन.केशरी, जिला शिक्षा अधिकारी श्री आर.पी.आदित्य, सभी सीडीपीओ, सेक्टर सुपरवाईजर, कार्यकर्ता एवं संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
एनआरसी के मेनू में रागी के बने आईटम होंगे शामिल
कलेक्टर श्री सिंह ने जिले के एनआरसी केन्द्रवार बच्चों के लाभान्वित होने की समीक्षा की। उन्होंने केन्द्रों में उपलब्ध बेड की संख्या के अनुसार बच्चों को नियमित रूप से भर्ती करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एनआरसी के बेड खाली नहीं रहने चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने एनआरसी केन्द्रों के मेनू में रागी के बने ब्रेड व अन्य आईटम्स शामिल करने के निर्देश दिए। जिससे बच्चों की सेहत में जल्द सुधार हो।
बाल संदर्भ शिविर के नियमित आयोजन के निर्देश
जिले में सुपोषण अभियान की सेक्टर वार समीक्षा के दौरान यह बात सामने आयी कि स्वास्थ्य जांच हेतु आयोजित होने वाले बाल संदर्भ शिविर से कुपोषित बच्चों को काफी फायदा मिल रहा है। कलेक्टर श्री सिंह ने सीएमएचओ को सभी चिन्हांकित जगहों पर नियमित रूप से बाल संदर्भ शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कुछ सेक्टर व आंगनबाड़ी केन्द्रों से वहां आयोजित होने वाले शिविर की दूरी अधिक होने पर उस सेक्टर में केन्द्रों के समीप शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। साथ ही शिशु रोग विशेषज्ञ द्वारा नियमित रूप से बच्चों की जांच करवाने की बात भी कही।
25 घरों में जाकर करना होगा गृह भेंट
कलेक्टर श्री सिंह ने पर्यवेक्षकों व कार्यकर्ताओं द्वारा किए जाने वाले गृह भेंट की जानकारी ली। कुछ जगहों पर लक्ष्य के अनुसार गृह भेंट नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जतायी और सभी को माह में न्यूनतम 25 गृह भेंट करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कुपोषण मुक्ति में उचित पोषण के साथ सही जीवन शैली का पालन बेहद जरूरी है। गृह भेंट के माध्यम से पालकों से सतत् संपर्क बना रहता है और कुपोषित बच्चों की मॉनिटरिंग भी अच्छे से की जा सकती है।
साझे प्रयास से रायगढ़ बनेगा माहवारी स्वच्छ जिला
कलेक्टर श्री सिंह ने बैठक के दौरान रायगढ़ को माहवारी स्वच्छ जिला बनाने संचालित पावना अभियान की समीक्षा की। प्रभारी ने बताया कि खम्हार में संचालित सेनेटरी प्रोडक्शन यूनिट से 48 हजार पेड तैयार कर समूहों के माध्यम से विक्रय किया जा चुका है। लगभग 64 गांव माहवारी स्वच्छ ग्राम बनने की दिशा में अग्रसर है। यहां समूह द्वारा सभी महिलाओं से संपर्क कर उन्हें सेनेटरी नेपकिन उपलब्ध कराया गया है। कलेक्टर श्री सिंह ने इन गांवों में सेनेटरी नेपकिन यूसेज का वेरीफिकेशन करने के निर्देश दिए। जिससे इन गांवों को माहवारी स्वच्छ ग्राम घोषित किया जा सके। उन्होंने कहा कि दूसरे गांवों में भी सेनेटरी नेपकिन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए महिला बाल विकास विभाग के सभी पर्यवेक्षक, कार्यकर्ता व सहायिका को साझा प्रयास करना होगा। उन्होंने आंगनबाड़ी केन्द्रों से सेनेटरी पेड उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। स्कूलों में भी सेनेटरी नेपकिन प्रदान करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए। इसके साथ ही उन्होंने यूज्ड नेपकिन के उचित निपटान हेतु स्कूलों में भस्मक मशीन लगे होने की जानकारी ली। बताया गया कि करीब 100 स्कूलों में भस्मक मशीन लगाया जाना शेष है। कलेक्टर श्री सिंह ने इसके लिए राशि स्वीकृत करते हुए इन स्कूलों में भस्मक मशीन लगाने के निर्देश दिए।

