ग्राम पंचायत कुमा इंचपारा में पंचायत घर सामुदायिक भवन में चारों तरफ फैली है कचरा,गंदगी!
सरपंच सचिव स्वच्छता अभियान को दिखा रहे बड़ा सा ठेंगा!
धरमजयगढ/असलम खान :- सरकार सभी क्षेत्रों में विकास के नाम पर लाखों रूपये खर्च करने का दावा करती है, साथ ही शासन प्रशासन द्वारा लगातार स्वच्छता अभियान भी चलाया जा रहा है, और हर महकमे में अपना जनप्रतिनिधि से लेकर शासकीय कर्मचारी लगा रखा है,जिन्हें शासन से आने वाली जनहित कार्य के जमीनी स्तर पे क्रियान्वयन हेतु एवं क्षेत्रों में सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर से बेहतर कार्य योजना का भार सौंपा गया है।
लेकिन कुछ लोगों की उदासीनता के कारण सब मटिया मेट हो रहा है,ऐसा ही एक मामला है धरमजयगढ क्षेत्र के ग्राम पंचायत कुमा इंचपारा का ,जहाँ पर पंचायत भवन एवं साथ में सामुदायिक भवन का बद्तर हालत साफ नजर आता है, जिसको देखकर प्रथम दृष्टया ही ऐसा लगता है,जैसे यहाँ पर जनप्रतिनिधि तथा पंचायत कर्मी को स्वच्छता के प्रति कोई ध्यान ही नही है।पंचायत भवन एवं सामुदायिक भवनों का हलात देंखे तो ऐसा लगता है,मानो भवन में जानवर रखा जाता हो| अर्थात साफ शब्दों में कहें तो भवनों के आसपास बहुत
सारी गंदगी है, जिसको देखकर सहज अनुमान लगाया जा सकता है, की पंचायत भवन में कभी आमसभा- अथवा ग्रामसभा का बैठक होता ही नहीं होगा,और यदि साल में एकात बार होता भी होगा, तो फिर किस तरह लोग अगल बगल ऐसे गंदगी भरे बदहाल वातावरण में कैसे रहते बैठते होंगे? आखिर सरपंच सचिव इस ओर ध्यान क्यों नहीं देते हैं!
आपको बता दें, पंचायत भवन का हाल इतना बदहाल है, कि देखने में इसे खंडहर से तुलना करें तो कोई गलत बात नहीं होगा| पंचायत भवन के आसपास न तो पानी की व्यवस्था है ,और न साफ सफाई| भवन के चारों तरफ कुडा करकट से भरा पड़ा है।
जबकि आज के दौर में कोरोना महामारी एवं अन्य कई बिमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है, जिसके कारण शासन हर जगह पर साफ सुथरा रखने विशेष जोर आवश्यकता दे रहे हैं। अब अगर पंचायत भवन जैसे सार्वजनिक जगह की बात करें जहाँ पर हरदम लोगों का हमेशा आना जाना बना हो, वही का साफ सफाई नहीं है,स्वच्छता पर कोई ध्यान नहीं है,जबकि पंचायत के ही जनप्रतिनिधि एवं शासकीय कर्मचारी, पंचायत सचिव, पंचायत समिति की सभा इसी जगह पर बैठती है।लेकिन किसी को ध्यान नहीं है,आखिर ग्राम पंचायत में स्वच्छता की बदहाली का जिम्मेदार कौन है?
लेकिन अब सवाल ये भी उठता है, कि सरकार शासन द्वारा जो ग्राम पंचायत के विकास के नाम पर पंचायतों में अलग अलग कई फंड से जो राशि आता है, आखिर वह पैसा जा कहाँ रहा है,या फिर इस राशि का इस्तेमाल कहाँ किया जा रहा है।इसमें जिम्मेदारों से सवाल तो बनता है,क्यों की सवाल जनता जनार्दन के हितों से जुड़ा है!


