मास्क लगाने की समझाइस देना तहसीलदार को भारी पड़ा, उसके बदले माफी मांगनी पड़ी
किया जमाना आ गया लोग किसी की नहीं सुन रहे हैं, अपने खुदगर्जी में मग्न है ,कोई सही राह बताते तो उसे गलत समझ रहे हैं,
कोरबाः छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में तहसीलदार को लोगों को मास्क लगाने के लिए समझाना भारी पड़ गया. दरअसल लोगों ने उल्टा तहसीलदार से ही बहस शुरू कर दी और नौबत हाथापाई तक आ गई. इस पर तहसीलदार ने पुलिस को मौके पर बुला लिया लेकिन लोग फिर भी नहीं मान और आखिरकार तहसीलदार को लोगों से माफी मांगनी पड़ी, तब जाकर मामला शांत हुआ.
क्या है पूरा मामला
खबर के अनुसार, कोरोना के बढ़ते संक्रमण के चलते गाइडलाइंस का पालन कराने के लिए दीपका क्षेत्र के तहसीलदार वीरेंद्र श्रीवास्तव सड़क पर निकले थे. इसी बीच पाली रोड पर मास्क चेकिंग के दौरान उनका एक युवक से विवाद हो गया. दरअसल तहसीलदार ने एक दुकान में लोगों को मास्क नहीं लगाने पर डांट दिया. इस पर दुकान में ग्राहक युवक ने यह कहकर तहसीलदार का विरोध किया कि उसने अपनी बात कहने के लिए ही मास्क उतारा था. इसके बाद विवाद इतना बढ़ा कि आसपास के लोग भी वहां इकट्ठा हो गए और युवक का बचाव करते हुए तहसीलदार से ही भिड़ गए. युवक की रिश्तेदार महिला ने तो तहसीलदार पर चप्पल तक उठा ली थी. मामला बिगड़ता देख तहसीलदार ने दीपका थाना पुलिस को इसकी सूचना दी.
सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची तो लोग आक्रोशित हो गए. काफी समझाने के बाद लोग शांत हुए लेकिन तहसीलदार से माफी मांगने की शर्त रख दी. जब समझाने पर भी लोग नहीं माने तो तहसीलदार ने युवक से माफी मांगी और मामला शांत हुआ. हालांकि प्रशासन द्वारा लोगों के भले के लिए ही मास्क पहनने की समझाइश दी जा रही है लेकिन लोग जिस तरह से प्रशासन से ही भिड़ रहे हैं, उससे चिंता होनी स्वभाविक है

