केलोभूमि परिवार की नई पीढ़ी के होनहार निलेश वीरेंद्र शर्मा को राज्यपाल सुश्री उइके ने गोल्ड मेडल व प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित
कुशाभाऊ ठाकरे जर्नलिज्म यूनिवर्सिटी में धूमधाम से संपन्न हुआ पंचम दीक्षांत समारोह
रायपुर : दो दिन पूर्व ३० मई को छत्तीसगढ़ की राज्यपाल एवं कुलाधिपति सुश्री अनुसुईया उइके की गरिमामय मौजूदगी में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय, रायपुर के पंचम दीक्षांत समारोह संपन्न हुआ। जिसमें स्नातक, स्नातकोत्तर विद्यार्थियों एवं पीएचडी धारकों को उपाधि प्रदान की गई।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार एवं पूर्व महासचिव, ब्रॉडकास्ट एडिटर्स एसोसिएशन एनके सिंह, विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर नगर निगम के महापौर एजाज ढेबर उपस्थित रहें।
पंचम दीक्षांत समारोह में वर्ष 2019, 2020 एवं 2021 के 345 स्नातक, 584 स्नातकोत्तर एवं दो शोधार्थियों को पीएचडी की डिग्री एवं प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान पर आने वाले विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर महामहिम राजयपाल सुश्री उइके के द्वारा सम्मानित किया गया।
इस कड़ी में हमारे रायगढ़ जिले सहित प्रदेश की पत्रकारिता में बीते दो दशक से महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले रायगढ़ जिले के वरिष्ठ पत्रकार व साप्ताहिक अख़बार “केलोभूमि” के प्रधान संपादक आलोक पाण्डेय और स्वतंत्र लेखन के लिए पूरे राज्य में विख्यात न्यूज़ वेब पोर्टल “हल्लाबोल” के निर्देशक अमित पाण्डेय के २५ वर्षीय इकलौते भांजे निलेश वीरेंद्र शर्मा को भी अपने संकाय में स्नातकोत्तर में प्रावीण्य सूची में प्रथम स्थान प्राप्त के लिए महामहिम राज्यपाल सुश्री उइके जी के हाथों गोल्ड मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
बता दें कि कुशाभाऊ ठाकरे यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मेरिट के साथ स्नातकोत्तर करने वाले निलेश वीरेंद्र शर्मा दोनों प्रमुख भाषाओं हिंदी और इंग्लिश में गजब की कमांड रखते हैं और पढ़ाई के दौरान ही उनके द्वारा स्क्रिप्टेड और डायरेक्टेड कई स्टोरीज को प्रदेश सहित देश भर में काफी सराहा जा चुका है।
उन्होंने अभी हाल में दो से तीन महीने पूर्व ही नेट की परीक्षा को अपने प्रथम प्रयास में उत्तीर्ण किया है और वर्तमान में वे पंजाब के गुरुनानक यूनिवर्सिटी ऑफ मास कम्युनिकेशन में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर कार्यरत है और इस दौरान वे पीएचडी में एनरोल्ड होकर अपने विषय विशेष में शोध कार्य एवं थीसिस की तैयारी में भी जुटे हुए हैं


