सभी आंगनबाड़ियों में मनाया जा रहा वजन त्यौहार
जागरूकता के लिए कल से ब्लॉकों में चलेगा वजन रथ
1.20 लाख लक्षित बच्चों में से 70,000 बच्चों का वजन और ऊंचाई की हुई गणना
रायगढ़ 09 अगस्त 2022, बच्चों के स्वास्थ्य का ख्याल रखने के लिए जिले में वजन त्यौहार मनाया जा रहा है। जिसमें पालकों को शिशु के पर्याप्त पोषण के बारे में जागरूक किया जा रहा है। जिले के 3,408 आंगनबाड़ी/मिनी आंगनबाड़ी केन्द्रों में वजन त्यौहार मनाया जा रहा है। मंगलवार को छुट्टी के दिन भी जिले के आंगनबाड़ियों में विविध आयोजन हुए।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी टिकवेंद्र जाटवर ने बताया: “इस वर्ष 1.20 लाख बच्चों का वजन एवं ऊंचाई मापे जाने का लक्ष्य है जिससे बच्चों में कुपोषण का स्तर पता लगाकर योजनाएं बनायी जा सकेगी। इस बार वजन त्यौहार में 0-5 की जगह 0-6 साल तक के बच्चों को शामिल किया गया है। अभी तक 70,000 से अधिक बच्चों का वजन और ऊंचाई की गणना की जा चुकी है और उनके पोषण के बारे में उनके पालकों को परामर्श दिया जा चुका है। पोषण के प्रति जागरूक करने के लिए वजन रथ जिले के सभी ब्लॉकों में चलाया जाएगा। रायपुर से तीन वजन रथ आ रहे हैं। जो कल से तीन-तीन ब्लॉक में जाएंगे।“
मंगलवार को संत विनोबा नगर मोहल्ले के आंगबाड़ी केंद्र का जिला पंचायत सीईओ अबिनाश मिश्रा और जिला पंचायत अध्यक्ष निराकार पटेल ने दौरा किया। जहां उन्होंने 4 साल की हीना परवीन और 4 माह के सूर्य प्रकाश का वजन किया और ऊंचाई नापी। दोनों ने 5 साल की हितग्राही प्रियांशी यादव की माता पूनम यादव से आंगनबाड़ी से मिलने वाली सुविधाओं के बारे में पूछा। इसके बाद आंगनबाड़ी में बन रहे भोजन की गुणवत्ता भी जानी और बच्चों से खाने के बारे में पूछा। सभी बच्चों ने अपने खिलौने की खाने की तारीफ की।
आंगनबाड़ी केंद्र की संचालिका सीता साहू ने बताया: “आंगनबाड़ी केंद्र द्वारा पंजीकृत गर्भवती महिलाओं को गर्भ में पल रहे शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं के बारे में भी जानकारी दी जा रही है । विशेष रूप से ऐसी महिलाओं को तिरंगा थाली जिसमें तीन प्रकार की भोजन सामग्री हो, साथ ही बेहतर पोषण बच्चे को कैसे मिलेगा और केंद्र से दिए जाने वाला पोषण आहार भी उनको दिया जाता है। हमारे द्वारा गृह भेंट के माध्यम से स्वस्थ माता और स्वस्थ शिशु के बारे में भी बताया जाता है।“
जूटमिल क्षेत्र की सेक्टर सुपरवाइजर क्रीति देवांगन का कहना है “ वजन त्यौहार के अंतर्गत इन गतिविधियों का उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य को बेहतर रखना और उनके पोषण के स्तर में सुधार लाना है। आंगनबाड़ी केंद्र पर आने वाली गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को बच्चों को स्वस्थ रखने के बारे में बताया जा रहा है। साथ ही स्तनपान को लेकर भी जागरूक किया जा रहा है।“
महिला एवं बाल विकास विभाग के शहरी परियोजना अधिकारी नितेन रंजन बेहरा बताते हैं :” आंगनबाड़ी में आने वाली शिशुवती और गर्भवती महिलाओं को शिशु के लिए स्तनपान के महत्व की जानकारी दी जाती हैं। शिशु के संपूर्ण विकास के लिए 6 माह तक सिर्फ स्तनपान कराना चाहिए। बच्चों को स्तनपान की बजाय बोतल का दूध पिलाना गलत है। क्योंकि मां का दूध बच्चे के लिए अमृत होता है। शिशु के संपूर्ण शारीरिक और मानसिक विकास और रोगों से लड़ने की ताकत शिशु को मां का दूध ही देता है। इसलिए जन्म के छह माह तक शिशु को सिर्फ मां का दूध ही पिलाना चाहिए।“


