रायपुर. रायपुर पुलिस पिछले एक महीने से दावा कर रही थी कि छापों के डर से यहां के बड़े आईपीएल सटोरिए देश के दूसरे शहरों में सुरक्षित ठिकानों पर जम गए हैं और वहीं से रायपुर में सट्टा चला रहे हैं। इसकी पुष्टि तब हुई, जब गोवा पुलिस ने रविवार को पणजी के तेलीगांव कस्बे के एक फ्लैट में छापा मारकर रायपुर के 4 लड़कों को गिरफ्तार कर लिया। इनके लैपटॉप की जांच हुई, तब ऑनलाइन सट्टे का मामला फूटा। गोवा पुलिस के अफसर शोभित सक्सेना ने दैनिक भास्कर को बताया कि गोवा में बैठकर रायपुर के लोगों से 50 लाख रुपए के दांव का रिकार्ड मिल गया है और यह रकम 1 करोड़ रुपए तक पहुंचेगी। गोवा पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है कि रायपुर के सटोरियों ने और किन-किन शहरों में डेरा डाल रखा है। राजधानी में पुलिस ने पिछले 15 दिन में दर्जनभर से ज्यादा सटोरियों को पकड़ा, जो आईपीएल का ऑनलाइन सट्टा चला रहे थे। लेकिन ये सारे लोग वह हैं, जिन्होंने किसी न किसी बड़े सटोरिए से लाइन ले रखी थी। पुलिस को इन बड़े सटोरियों की तलाश थी, लेकिन रायपुर में किसी का लोकेशन नहीं था। यह बात आ रही थी कि यहां के सटोरियों ने मुंबई, पुणे और गोवा समेत कुछ शहरों में डेरा डाला है और गेम वहीं से चला रहे हैं। गोवा पुलिस ने जब तेलगांव के चामुंडा अपार्टमेंट में छापा मारा, तब इस खेल का खुलासा हुआ। अपार्टमेंट से रायपुर के रणजोत सिंह छाबड़ा, सुनील मोटवानी, कपिल तोलानी और विनय गंगवानी पकड़े गए। पूछताछ में पता चला कि चारों ढाई माह से गोवा में फ्लैट किराए से लेकर रह रहे हैं। यह फ्लैट 50 हजार रुपए महीने के किराए पर लिया गया था। चारों इन दो महीने में दो-तीन बार ही फ्लैट से बाहर निकले। फ्लैट में ही सटोरियों ने हर चीज अरेंज कर रखी थी।
गोवा से रायपुर में दी कई सटोरियों को लाइन
गोवा के इंस्पेक्टर ने बताया कि चारों मोबाइल फोन के जरिए ही रायपुर समेत यहां के कुछ शहरों में सट्टा चलवा रहे थे। पुलिस को लैपटॉप की जांच में दो सॉफ्टवेयर मिले हैं। इनके बारे में आरोपियों ने बताया कि आईपीएल सट्टे के लिए उन्होंने ही बनवाए थे। इस साफ्टवेयर के जरिए लाइव मैच के साथ-साथ सट्टे का लाइव भाव भी अपडेट होता रहता था। यह लाइन रायपुर में भी कुछ सटोरियों को दी गई है। यहां जिन्हें लाइन दी गई है, उनका भी पता लगाया जा रहा है। आरोपियों से जो 12 मोबाइल मिले हैं, उनके नंबर छत्तीसगढ़ के ही हैं। उनमें से पुलिस को 500 ऐसे मोबाइल नंबर मिले हैं, जिनसे सटोरियों का लगातार संपर्क है। यही नहीं, लैपटॉप से एक माह का हिसाब भी मिल गया है।
छापों से भाग गए सटोरिए : रायपुर में जब से आईपीएल शुरू हुआ है, तब से पुलिस ऑनलाइन सट्टे पर छापे मार रही है। अब तक 22 से ज्यादा सटोरियों को गिरफ्तार किया गया है, इसलिए बड़े सटोरियों ने शहर छोड़ दिया है। कुछ राज्य के बाहर चले गए हैं और दूसरे शहरों से आपरेट कर रहे हैं। अधिकांश सटोरिए एक से दो माह पहले ही वहां शिफ्ट हो गए हैं। रायपुर में उनकी वसूली के लिए अलग एजेंट हैं। ये हवाला के जरिए रकम ट्रांसफर कर रहे हैं। आईटी की कार्रवाई से बचने के लिए ये खातों में पैसे नहीं जमा करवा रहे हैं। रायपुर पुलिस एक टीम गोवा भेजने पर विचार कर रही है, ताकि वहां गिरफ्तार सटोरियों से पता चले कि रायपुर में उनका नेटवर्क और वसूली कौन लोग कर रहे हैं।

