रायपुर. गोलबाजार की दुकानों की रजिस्ट्री नए साल के पहले महीने यानी जनवरी से शुरू होगी। निगम ने दुकानों की रजिस्ट्री के लिए राज्य शासन को प्रस्ताव भेज दिया है, लेकिन यह मौजूदा गाइडलाइन दरों पर आधारित है। प्रशासन गाइडलाइन रेट अप्रैल में बदलता है, लेकिन माना जा रहा है कि गोलबाजार के कारोबारियों के लिए कुछ राहत के साथ गाइडलाइन दर तय करके जनवरी में ही घोषित की जा सकती है। बाकी जिले का कलेक्टर रेट तय समय में ही घोषित किया जाएगा। अफसरों ने बताया कि गोलबाजार में निगम के 960 किराएदार हैं, इसलिए सबकी रजिस्ट्री होने में ही दो से तीन माह लग जाएंगे। गोलबाजार के कई व्यापारी तत्काल रजिस्ट्री कराने के लिए तैयार हैं। बहुत से कारोबारियों को बैंक फाइनेंस सहित विभिन्न तरह की पेचीदगियों का सामना करना पड़ेगा। इसलिए नगर निगम सबसे पहले उन दुकानदारों या कारोबारियों की रजिस्ट्री कराएगा जिनमें किसी तरह की कोई तकनीकी उलझन नहीं है और निगम के खाते में पैसे जमा होने में भी कोई दिक्कत नहीं होगी। निगम को उम्मीद है कि बाजार की सभी दुकानों की रजिस्ट्री से निगम को साढ़े तीन से चार सौ करोड़ रुपए की आमदनी होगी। इससे निगम की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और शहर के बड़े डेवलपमेंट प्लान तैयार किए जा सकेंगे।
कई चीजें स्पष्ट होना बाकी : गोलबाजार के कारोबारियों का कहना है कि वे प्रोजेक्ट को लेकर आश्वस्त हैं, लेकिन अभी भी कई चीजें स्पष्ट नहीं हैं। निगम ने अब तक बाजार का नक्शा तैयार नहीं किया है। बाजार के गेट कम करने से होने वाली दिक्कतों का कोई उपाए नहीं बताया गया है। गोल गुंबद को संवारने के लिए आसपास की दुकानों को हटाया जाएगा, उन्हें कहां व्यवस्थापित किया जाना है। यह सब बातें स्पष्ट होनी बाकी है। व्यापारियों का कहना है कि कोरोना की वजह से पिछले कई महीने से बाजार ठंडा है, लेकिन अब यह धीरे-धीरे उठ रहा है। इसलिए बाजार की कोई भी प्रक्रिया दीपावली के बाद ही शुरू करने की अपील की गई है।
“नए साल में दुकानों की रजिस्ट्री शुरू करने की कोशिश है। शासन से जल्दी गाइडलाइन आएगी और कारोबारियों से तुरंत रजिस्ट्री करवाने के लिए कहा जाएगा। जो तकनीकी उलझनें आ रही हैं, उन्हें दूर कर रहे हैं।”
-एजाज ढेबर, महापौर रायपुर

