खरसिया। शिक्षा की अलख जगाने वाले पूर्व बीआरसीसी को उनकी सेवा निवृत्ति पर विद्यालय परिवार एवं संकुल परिवार ऩे भावभीनी विदाई दी। विगत 19 नवंबर 2022 को विकासखंड खरसिया के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुनकुनी के पूर्व प्रधान पाठक राधेश्याम शर्मा को सेवानिवृत्ति के उपरांत संकुल कुनकुनी और शालेय परिवार ने रमणीक एवं पर्यटन स्थल राबो में ससम्मान विदाई दी।
संकुल कुनकुनी के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने सेवानिवृत्त शर्मा की विदाई को अविस्मरणीय बनाने के उद्देश्य से इस स्थल का चयन किया। विदाई के अवसर पर विद्यालय प्रबंध समिति माध्यमिक शाला के अध्यक्ष होरीलाल रात्रे, संकुल समन्वयक मनोज कुमार डनसेना, भोलाशंकर पटेल, पंचराम यादव, गीताराम निषाद, ठंडाराम सिदार, नरसिंह राठिया, कमलेश पटैल, खगेश्वर पटेल, मेदनी राठिया, ठनकुमार नागवंशी, मनीष राठिया, कृष्णकुमार राठिया तथा प्रधानपाठक नीलकंठ राठिया, दामोदर पटेल, रीता टोप्पो, प्रहलाद साहू, वीरेंद्र राठिया, रोशन डनसेना, ज्योति पटेल सहित संकुल के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएंँ उपस्थित रहे। स्वागत गान नूतन पटेल के द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम का सुंदर और सफल संचालन मनोज डनसेना के द्वारा किया गया। उद्बोधन के क्रम में शिक्षक मनीराम सोनी के द्वारा राधेश्याम शर्मा का सम्मान गीत प्रस्तुत किया गया। इस भव्य और गरिमामयी कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि रामकुमार पटेल प्रधान पाठक माध्यमिक शाला जैमुरा एवं आनंद कुमार त्रिवेदी प्रधान पाठक माध्यमिक शाला खैरपाली रहे। दोनों ने सुंदर गीतों एवं उद्बोधन से शर्मा जी का अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यअतिथि राधेश्याम शर्मा ने अपने 44 वर्षों की सेवा कार्यकाल के अनुभवों को बांँटते हुए अपने उद्बोधन में प्रशासन एवं व्यवस्था हेतु मृदुव्यवहार, धैर्य और संतुलन बनाए रखने का सुझाव दिया। संकुल परिवार की ओर से शर्मा को साल, श्रीफल और उपहार देकर सम्मानित किया गया। संकुल समन्वयक मनोज कुमार डनसेना ने उनका सम्मान पत्रवाचन कर सादर समर्पित किया।समारोह में सभी समन्वयकों ने भी अपने उद्गार प्रकट किये और राधेश्याम शर्मा के लिए भावी जीवन की मंगलकामनाएंँ की। कार्यक्रम के अंत में माध्यमिक शाला कुनकुनी के प्रधान पाठक मेहतर सारथी के द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्कूल परिवार पूर्व माध्यमिक विद्यालय कुनकुनी एवं संकुल परिवार कुनकुनी ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर सुस्वादु भोजन और जलपान की व्यवस्था भी की गई।


