रायगढ़. सारंगढ़ टिमरलगा डीएमएफ से स्वीकृत कार्यों के लिए जारी हुई 61 लाख रुपए की पहली किस्त के गबन मामले में सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। जिला पंचायत सीईओ ने सारंगढ़ एसडीएम को गबन किए गए रुपए की रिकवरी के लिए पत्र भी जारी किया है। ग्राम पंचायत में 1.85 करोड़ रुपए के 25 निर्माण कार्य स्वीकृत किए गए थे। निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत को बनाया गया था, लेकिन तत्कालीन सरपंच महेन्द्र चौहान व सचिव महेंद्र लहरे ने काम कराने की बजाय डीएमएफ से जारी 61 लाख रुपए आहरण कर गबन के आरोप लगे थे। इधर क्षेत्र में स्वीकृत कार्य नहीं होने के बाद लोगों ने मामले की शिकायत जिला पंचायत सीईओ से की थी। जिला पंचायत ने 15 जुलाई को तीन सदस्यीय जांच समिति गठित कर पूरे मामले की जांच कराई गई। जांच में सदस्यों ने पाया कि गांव में एक भी स्वीकृत कार्य सरपंच और सचिव द्वारा नहीं कराए गए हैं। जांच में पाया गया कि ग्राम पंचायत के खाते में जमा कराई गई पूरी रकम सचिव महेंद्र लहरे ने निकाली है। मामले में जांच समिति के प्रतिवेदन के आधार पर एसडीएम चंद्रकांत वर्मा ने जिला पंचायत सीईओ को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था। जिला पंचायत सीईओ ने सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया। साथ ही गबन की गई पूरी रकम एसडीएम को वसूल करने के निर्देश दिए गए।
एसडीएम को पत्र लिखा गया है
“मामले में गबन की 61 लाख रुपए की वसूली के लिए सारंगढ़ एसडीएम को पत्र लिखा गया है। इस मामले में संबंधित सचिव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है।”

