आचार्य विद्यासागर महाराज के देहावसान पर सरकार की ओर से आधे दिन का अवकाश घोषित कर दिया गया है। इस दौरान राष्ट्रीय आधा झुका हुआ रहेगा और राजकीय समारोह व कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकेंगे।
छत्तीसगढ़ के डोंगरगढ़ में जैन मुनि आचार्य विद्यासागर महाराज ने समाधि ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी उनकी समाधि पर भावुक हुए। उन्होंने कहा कि वह पिछले साल के अंत में डोंगरगढ़ में चंद्रगिरि जैन मंदिर की अपनी यात्रा को कभी नहीं भूल सकते हैं। उस समय उन्होंने महाराज जी के साथ समय बिताया था।

हम सभी शोक में
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में पीएम मोदी ने कहा, ‘नड्डा जी के माध्यम से मैं आप सबका अभिनंदन करता हूं। आज मैं समस्त देशवासियों की तरफ से संत शिरोमणि आचार्य श्री पूज्य विद्यासागर महाराज को श्रद्धा और आदरपूर्वक नमन करते हुए श्रद्धांजलि देता हूं। उनकी समाधि लेने की सूचना मिलने के बाद उनके अनुयायी शोक में हैं। हम सभी शोक में हैं।
मेरे लिए तो यह एक व्यक्तिगत क्षति
उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए तो यह एक व्यक्तिगत क्षति जैसा है। वर्षों तक मुझे व्यक्तिगत रूप से अनेक बार उनसे मिलने और उनका मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिला है। कुछ महीने पहले ही ऐसे मन कर गया तो मैं प्रवास कार्यक्रम को बदलकर उनके पास पहुंच गया था। तब पता नहीं था कि उनसे दोबारा नहीं मिल पाऊंगा। उनके दर्शन नहीं कर पाऊंगा। ये मेरा सौभाग्य रहा है कि पिछले 50 से भी ज्यादा वर्षों से मुझे देश के गणमान्य आध्यात्मिक मूर्तों का आशीर्वाद पाने का अवसर मिला है। इसलिए मैं उस शक्ति को जानता हूं, अनुभव करता हूं।’
बता दें, आचार्य विद्यासागर महाराज के देहावसान पर सरकार की ओर से आधे दिन का अवकाश घोषित कर दिया गया है। इस दौरान राष्ट्रीय आधा झुका हुआ रहेगा और राजकीय समारोह व कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकेंगे।

