कुड़ेकेला : छाल क्षेत्र अंतर्गत आने वाले कटाईपाली सी में एक नवजात को स्थानीय जिम्मेदार लोगों के सहयोग से रायगढ़ अनाथ आश्रम ले जाया गया है। जिससे मासूम की समुचित पालन पोषण हो सके। बता दें कि प्रसव के बाद प्रसूता की मृत्यु हो गई और शिशु के गंभीर कुपोषित होने के कारण पिता ने बच्चे के परवरिश में असमर्थता जताई। तब स्थानीय ग्राम प्रमुखों व अन्य जिम्मेदार लोगों के सलाह से नवजात शिशु को अनाथ आलय में भेजने का निर्णय लिया गया।
इस बच्चे के गर्भ में रहने से लेकर जन्म एवं उसके भविष्य के लिए स्थानीय मितानिन कार्यकर्म की टीम ने अनुकरणीय भूमिका निभाई। इस टीम में शामिल मितानिन सावित्री यादव ने बताया कि छाल के डॉ. पैंकरा, स्थानीय पुलिस, विधिक सहायता एवं अन्य लोगों के योगदान से नवजात बच्चे के बेहतर भविष्य की दिशा में यह एक सामूहिक प्रयास किया गया है। उन्होंने इस कार्य में सभी प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष सहयोगियों का आभार व्यक्त किया है। मितानिन यादव ने कहा कि बच्चे का वजन बहुत कम होना उसके स्वास्थ्य के लिए काफी चिंताजनक माना जाता है। ऐसे शिशु गंभीर कुपोषित श्रेणी में शामिल किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि बच्चे के परिजनों और अन्य लोगों की सहमति से यह निर्णय लिया गया है। वहीं, रायगढ़ जिले के अनाथ आश्रम से पहुंची टीम ने सही समय पर उचित निर्णय लेने के लिए मितानिन कार्यकर्म की पूरी टीम एवं अन्य सभी का आभार व्यक्त किया।
देखरेख में पुलिस का रहा विशेष सहयोग:-
कुपोषण से जूझ रहे इस बच्चे की मां की मृत्यु होने के कारण नवजात के पालन पोषण मे समस्या आने लगी। हालांकि, अन्य विकल्प के माध्यम से उसकी देखभाल की जा रही थी। इन विपरीत परिस्थितियों में स्थानीय पुलिस के स्टाफ दादू सिंह सिदार व सतीश जगत के द्वारा मानवता का परिचय देते हुए नवजात बच्चे के लिए दूध की व्यवस्था की गई। उन्होने शिशु को अपने गोद में लेकर दूध पिलाया और उसके उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।

