नई दिल्ली के मध्य जिला स्थित ओल्ड राजेंद्र नगर में हुए कोचिंग सेंटर हादसे में पुलिस ने पांच और लोगों को गिरफ्तार किया है, जिससे अब तक कुल सात गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। इन नई गिरफ्तारियों में वह कार चालक भी शामिल है, जो बारिश के दौरान तेज रफ्तार में गाड़ी चला रहा था और कोचिंग सेंटर का गेट तोड़ दिया था। इसके अलावा, पुलिस ने बेसमेंट के मालिक को भी गिरफ्तार किया है।
दुर्घटना का विवरण – हादसा राव आईएएस स्टडी सेंटर में हुआ, जहां अचानक हुई बारिश के कारण बेसमेंट में पानी भर गया। उस समय बेसमेंट में कई छात्र पढ़ाई कर रहे थे, जिनमें से तीन छात्रों की मौत हो गई। तेज रफ्तार कार चालक की लापरवाही और बेसमेंट में अवैध रूप से व्यावसायिक गतिविधि के कारण यह हादसा हुआ।
पहले की गिरफ्तारियां – रविवार को इस मामले में पुलिस ने कोचिंग सेंटर के मालिक अभिषेक गुप्ता और कोऑर्डिनेटर देशपाल सिंह को गिरफ्तार किया था। इन दोनों को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इन गिरफ्तारियों के बाद पुलिस ने बिल्डिंग मैनेजमेंट, ड्रेनेज सिस्टम की देखभाल करने वाले निगमकर्मियों और अन्य के खिलाफ भी गैर इरादतन हत्या समेत विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है।
प्रशासन की कार्रवाई – दिल्ली पुलिस ने हादसे के बाद मामले की जांच शुरू की और अन्य आरोपियों की तलाश की। डीसीपी सेंट्रल एम. हर्षवर्द्धन ने कहा कि बेसमेंट के मालिकों और तेज रफ्तार वाहन चालक समेत पांच और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। बेसमेंट में व्यावसायिक गतिविधि करने की कोई अनुमति नहीं थी। पुलिस ने एमसीडी से भी जानकारी मांगी है और उनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
स्थानीय प्रतिक्रिया और प्रशासन की अपील
हादसे के बाद छात्रों और स्थानीय निवासियों में काफी आक्रोश था। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सड़क जाम कर दिया और न्याय की मांग की। डीसीपी हर्षवर्द्धन ने प्रदर्शनकारी छात्रों से शांति बनाए रखने और जाम न लगाने की अपील की है।
दुर्घटना की वजह – पुलिस के अनुसार, तेज रफ्तार में कार चलाने वाले ड्राइवर की लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। गाड़ी इमारत के गेट से टकराने से पहले एक रेहड़ी वाले ने उसे रोकने की कोशिश की थी, लेकिन वह असफल रहा। गाड़ी के टकराने से इमारत का गेट टूट गया और बेसमेंट में पानी भर गया, जिससे छात्रों की मौत हो गई।
इस मामले में अब तक सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जिसमें कोचिंग सेंटर के मालिक, कोऑर्डिनेटर, बेसमेंट के मालिक और तेज रफ्तार कार चलाने वाला ड्राइवर शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है और मामले की गहन जांच जारी है। प्रशासन ने भी एमसीडी की भूमिका की जांच करने का वादा किया है ताकि इस प्रकार की घटनाएं दोबारा न हों।

