बलौदा बाजार-भाटापारा : जिले में ऑनलाइन सट्टे का अवैध कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, जहां सट्टोरिए हाई-टेक तरीकों से पुलिस की पकड़ से दूर हैं। पुलिस के मुखबीर सूचना तंत्र भी सट्टोरियों तक पहुंचने में असफल साबित हो रहे हैं। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेम सागर सिदार ने जिले के सभी थानों को सट्टे के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं और मुखबीर तंत्र को सक्रिय करने का आश्वासन दिया है।
भाटापारा को पहले से ही सट्टे का गढ़ माना जाता है, जहां कई रसूखदारों को सट्टा खिलाने और खाईवाली करने के आरोप में जेल जाना पड़ा है। हालांकि, वर्तमान में सट्टोरिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं और विभिन्न ऐप्स के जरिए इस अवैध धंधे को चला रहे हैं। पुलिस द्वारा की जाने वाली कार्रवाई केवल छोटे सट्टोरियों तक सीमित है, जहां कभी-कभी कुछ नगदी और सट्टा पट्टी के साथ आरोपियों को गिरफ्तार किया जाता है, लेकिन बड़े सट्टोरिए पुलिस की पकड़ से बाहर बने हुए हैं।
सट्टे के इस धंधे में स्थानीय युवा और नाबालिग भी फंसते जा रहे हैं, जो दस-दस हजार रुपये में सट्टे के आईडी खरीदकर इसमें शामिल हो रहे हैं। पुलिस का दावा है कि पुराने सट्टोरियों पर भी नजर रखी जा रही है, और उनकी संलिप्तता पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।


