छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में पुलिस ने एक कुख्यात आरोपी कुलदीप साहू को उसकी पत्नी और बेटी की हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के साथियों को भी पकड़ा गया है। यह मामला तब सामने आया जब रविवार रात कुलदीप साहू अपने साथियों आर्यन विश्वकर्मा उर्फ गोल्डी, चन्द्रकांत चौधरी उर्फ सी.के., और रिंकू सिंह के साथ सूरजपुर के पुराने बस स्टैंड पर बैठा था। घटना की शुरुआत तब हुई जब एक पुलिस आरक्षक ने आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया। इस पर आरोपी ने खौलता हुआ तेल पुलिसकर्मी पर फेंक दिया और बाद में पुलिसकर्मियों पर कार चढ़ाने की कोशिश की।
इस हमले के बाद, आरोपी और उसके साथी भागने में सफल रहे। पुलिस ने उनकी धरपकड़ के लिए विशेष टीमों का गठन किया। जांच के दौरान, प्रधान आरक्षक तालिब शेख अपने घर पहुंचे और वहां खून के धब्बे देखे, जिससे उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया। जांच में पता चला कि उनकी पत्नी और 11 साल की बेटी गायब थीं, और घर में खून के निशान मिले थे। अगले दिन, दो शव मिले, जिनकी पहचान प्रधान आरक्षक की पत्नी और बेटी के रूप में की गई।
इस नृशंस हत्या के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी। घटना स्थल से खून से सने कपड़े और एक चाकू बरामद किया गया। एफएसएल टीम ने मामले की जांच की, और प्रारंभिक रिपोर्ट में मृतकों के साथ किसी भी तरह के दुष्कर्म की संभावना को खारिज किया गया, हालांकि अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
कुलदीप साहू, जो पहले से ही कई आपराधिक मामलों में आरोपी था और जिला बदर की कार्यवाही के बावजूद सूरजपुर में सक्रिय था, को पुलिस ने बलरामपुर से गिरफ्तार किया। उसने पूछताछ में पुलिस पर फायरिंग, प्रधान आरक्षक की पत्नी और बेटी की हत्या, और अन्य अपराधों में शामिल होने की बात स्वीकार की। इसके साथ ही, उसके अन्य साथियों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है, जिनमें आर्यन विश्वकर्मा, चंद्रकांत चौधरी, और रिंकू सिंह शामिल हैं।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की और अन्य आरोपियों की भी तलाश जारी है। कुलदीप साहू के खिलाफ पहले भी कई गंभीर मामले दर्ज थे, और उसकी गिरफ्तारी से क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए पुलिस ने ठोस कदम उठाए हैं।
इस हत्या के पीछे कुलदीप साहू का पुलिसकर्मियों के प्रति गुस्सा और बदला लेने की भावना प्रमुख कारण मानी जा रही है।


