छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महासमुंद जिले के रामचंडी मंदिर को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की घोषणा की है। बुधवार को बसना विकासखंड के गढ़फुलझर में बाबा बिसाशहे कुल कोलता समाज द्वारा आयोजित वार्षिक स्नेह सम्मेलन में शामिल होते हुए मुख्यमंत्री ने यह बड़ा ऐलान किया। इस घोषणा से क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है, क्योंकि पर्यटन से आमदनी बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री साय ने रामचंडी मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री दयाल दास बघेल, ओ.पी. चौधरी, सांसद रूपकुमारी चौधरी, बसना विधायक सम्पत अग्रवाल, महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, और सरायपाली विधायक चातुरी नंद मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम के दौरान कोलता समाज की तारीफ करते हुए कहा कि यह समाज भारतीय संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने वाला है। उन्होंने ओडिशा और छत्तीसगढ़ के आपसी संबंधों को भी रेखांकित किया, जो सामाजिक, सांस्कृतिक और भौगोलिक रूप से गहरे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन दोनों राज्यों के बीच रोटी-बेटी का संबंध है, और दोनों के अचार-विचार भी एक-दूसरे से मेल खाते हैं।
मुख्यमंत्री साय ने गढ़फुलझर में सर्व समाज मंगल भवन के लिए 50 लाख रुपये की घोषणा की। उन्होंने रामचंडी गढ़ फुलझर क्षेत्र को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात कही, जिससे न केवल क्षेत्र का विकास होगा बल्कि वहां के लोगों की आमदनी भी बढ़ेगी। इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने ओडिशा और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाली सड़क को उन्नत बनाने का भी आश्वासन दिया। बेहतर सड़कों से परिवहन और संपर्क में सुधार होगा, जिससे दोनों राज्यों के आर्थिक और सांस्कृतिक संबंध और भी मजबूत होंगे।


