बिलासपुर में जिला अस्पताल और मातृ-शिशु अस्पताल के 47 डॉक्टरों को सिविल सर्जन डॉ. अनिल गुप्ता द्वारा नोटिस जारी किया गया है। ये नोटिस उन डॉक्टरों को थमाए गए हैं, जो सुबह की पाली में देर से और शाम को अनुपस्थित पाए गए हैं। नोटिस में सिविल सर्जन ने 24 घंटे के भीतर जवाब पेश करने को कहा है, जिससे डॉक्टरों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
इससे पहले, डॉक्टरों और सिविल सर्जन के बीच अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर खींचतान चल रही थी। डॉक्टरों द्वारा लगाए गए आरोपों में कहा गया है कि उन्हें ओवर ड्यूटी करने के बावजूद सही तरीके से काम करने का अवसर नहीं मिल रहा है। इसके अलावा, सरकारी छुट्टियों के दौरान भी उन्हें अनुपस्थित माना जा रहा है, जो उनकी मेहनत और सेवाओं का सम्मान नहीं करता।
डॉक्टरों का कहना है कि सिविल सर्जन की कड़ी कार्रवाई और शिकायतें उनके कार्यस्थल पर एक नकारात्मक माहौल पैदा कर रही हैं। विदित हो कि सिविल सर्जन डॉ. गुप्ता का कहना है कि अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार लाने के लिए यह कदम आवश्यक है। उन्होंने जुलाई, अगस्त और सितंबर के बायोमैट्रिक्स अटेंडेंस रिकॉर्ड की जांच के बाद ये नोटिस जारी किए हैं।
डॉक्टरों के इस विवाद के बाद मामला कलेक्टर के पास भी पहुंच गया है, जहां दोनों पक्ष अपनी-अपनी शिकायतें दर्ज करा रहे हैं। इस स्थिति ने अस्पताल के कार्य करने के तरीके पर सवाल खड़े कर दिए हैं और आगे की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।

