रायगढ़। जिले के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पिछले छह महीनों से लिफ्टों की खराब स्थिति ने मरीजों और उनके परिजनों को गंभीर मुश्किल में डाल दिया है। अस्पताल में चार लिफ्टें हैं, जिनमें से तीन पहले से ही खराब थीं। अब चौथी लिफ्ट भी खराब हो गई है, जिससे मरीजों और आगंतुकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
लिफ्टों के खराब होने का सबसे अधिक प्रभाव वरिष्ठ नागरिकों, गंभीर रूप से बीमार मरीजों और गर्भवती महिलाओं पर पड़ रहा है, जिन्हें सीढ़ियों का उपयोग करना पड़ रहा है। यह स्थिति अस्पताल प्रशासन की लापरवाही को उजागर करती है।
मरम्मत कार्य में बाधाएं
जानकारी के अनुसार, मार्च 2024 में लिफ्ट मरम्मत का वार्षिक अनुबंध समाप्त हो गया था। इसके बाद से मरम्मत का कार्य बाधित है। मरम्मत इंजीनियर अस्पताल नहीं आ रहे हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि वार्षिक मेंटेनेंस और कॉम्प्रिहेंसिव मेंटेनेंस कॉन्ट्रैक्ट प्रक्रिया में देरी हुई है। उप अधीक्षक डॉ. शोभित माने ने बताया कि मरम्मत के लिए पर्चेज ऑर्डर जारी कर दिया गया है और अगले दो हफ्तों में सभी लिफ्टें ठीक कर दी जाएंगी।
प्रबंधन की लापरवाही पर सवाल
लिफ्टों की मरम्मत में इतनी देरी अस्पताल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही को दर्शाती है। आधुनिक तकनीकी युग में, जहां उन्नत मशीनों और उपकरणों की उपलब्धता है, ऐसी छोटी समस्याओं को हल करने में महीनों का समय लेना प्रबंधन की कार्यक्षमता पर सवाल खड़े करता है।
मरीजों और परिजनों की समस्या
लिफ्टों के खराब होने से न केवल मरीजों को असुविधा हो रही है, बल्कि अस्पताल की छवि भी प्रभावित हो रही है। अस्पताल आने वाले कई परिजन इस स्थिति से नाराज हैं और बेहतर प्रबंधन की मांग कर रहे हैं।

