रायपुर। छत्तीसगढ़ में 750 करोड़ रुपये से अधिक का मेडिकल उपकरण और रसायन खरीद घोटाला उजागर हुआ है। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और चार कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने रायपुर समेत कई स्थानों पर छापेमारी कर अहम दस्तावेज जब्त किए हैं।
इन कंपनियों पर केस दर्ज
एसीबी अधिकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससीएल) रायपुर और स्वास्थ्य सेवा विभाग के निदेशालय के अधिकारियों समेत चार कंपनियों पर मामला दर्ज किया गया है। ये कंपनियां हैं:
- मोक्षित कॉर्पोरेशन (दुर्ग)
- सीबी कॉर्पोरेशन
- रिकॉर्ड्स एंड मेडिकेयर सिस्टम (एचएसआईआईडीसी पंचकूला, हरियाणा)
- श्री शारदा इंडस्ट्रीज (रायपुर)
छापेमारी और जब्ती
22 जनवरी को इस घोटाले में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद सोमवार को छत्तीसगढ़ और हरियाणा में 12 से अधिक स्थानों पर छापे मारे गए। छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, बैंक खातों की जानकारी और अन्य महत्वपूर्ण सबूत जब्त किए गए हैं।
कैसे हुआ घोटाला?
एफआईआर के अनुसार, 2021 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के दौरान राज्य के लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग ने “हमर लैब” की स्थापना के लिए आवश्यक मशीनों और उपकरणों की खरीद के आदेश जारी किए थे। लेकिन इसमें बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आईं। कंपनियों और अधिकारियों की मिलीभगत से सरकारी धन का दुरुपयोग कर करोड़ों रुपये का घोटाला किया गया।
आगे की जांच जारी
हालांकि, अभी तक एफआईआर में किसी व्यक्ति का नाम शामिल नहीं किया गया है। एसीबी की टीम सभी दस्तावेजों और जब्त सामग्रियों की जांच कर रही है। अधिकारियों और संबंधित कंपनियों की संलिप्तता की गहराई से पड़ताल की जा रही है। जल्द ही जिम्मेदार अधिकारियों और कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

