चेन्नई: श्रीलंका की जेल से रिहा किए गए तमिलनाडु के रामेश्वरम जिले के छह मछुआरे बुधवार रात चेन्नई हवाई अड्डे पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। केंद्र और राज्य सरकार के हस्तक्षेप से इनकी रिहाई संभव हो सकी। राज्य के अधिकारियों ने हवाई अड्डे पर मछुआरों का स्वागत किया और उन्हें सड़क मार्ग से उनके गृह जिले तक पहुंचाने में मदद की।
12 जनवरी को हुई थी गिरफ्तारी
श्रीलंकाई तटरक्षक बल ने इन मछुआरों को 12 जनवरी को मछली पकड़ते समय गिरफ्तार कर लिया था। आरोप था कि उन्होंने समुद्री सीमा का उल्लंघन किया और उनकी नौका को भी जब्त कर लिया गया था। बाद में अदालत में पेश कर उन्हें हिरासत में ले लिया गया।
तमिलनाडु सरकार और केंद्र का हस्तक्षेप
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर को पत्र लिखकर गिरफ्तार मछुआरों की रिहाई के लिए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी। भारत सरकार ने इस मुद्दे पर श्रीलंका के सामने कड़ी नाराजगी जाहिर की।
श्रीलंकाई नौसेना की गोलीबारी में दो भारतीय मछुआरे घायल
इस घटना से पहले, भारत ने श्रीलंका के डेल्फ्ट द्वीप के पास भारतीय मछुआरों पर श्रीलंकाई नौसेना की गोलीबारी का विरोध किया था। इस फायरिंग में दो भारतीय मछुआरे गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका इलाज जाफना अस्पताल में चल रहा है। विदेश मंत्रालय ने श्रीलंका के कार्यवाहक राजदूत को तलब कर इस घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
भारतीय दूतावास ने किया समर्थन
जाफना स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों ने घायल मछुआरों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
भारत ने जताई कड़ी नाराजगी
विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि श्रीलंकाई नौसेना ने 13 भारतीय मछुआरों को पकड़ने के दौरान गोलीबारी की। इसमें से दो गंभीर रूप से घायल हुए और तीन को मामूली चोटें आईं। भारत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए श्रीलंका से जवाब मांगा है।

