सारंगढ़ – सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के भटगांव नगर पंचायत की एक आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वर्षा बंजारे से सुपरवाइजर पद पर नौकरी लगाने का झांसा देकर 3.40 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस संबंध में भटगांव पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति प्रतीक साहू के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 419 और 420 के तहत मामला दर्ज किया है।
कैसे हुई ठगी?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्षा बंजारे पिता स्व. प्रमोद कुमार, उम्र 34 वर्ष, भटगांव वार्ड क्रमांक 09, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ की निवासी हैं और वर्तमान में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में कार्यरत हैं। वर्षा की मुलाकात जून 2024 में ग्राम कोदोपाली की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हेमलता सिदार से हुई थी। बातचीत के दौरान हेमलता ने बताया कि उसके मामा जितेंद्र कुमार सिंह के जान-पहचान का व्यक्ति प्रतीक साहू है, जो नौकरी लगवाने का काम करता है।
हेमलता ने वर्षा को बताया कि उसने स्वयं प्रतीक साहू को 2.60 लाख रुपये दिए हैं, ताकि वह उसे इस्टल अधीक्षक की नौकरी दिलवा सके। इस जानकारी के बाद हेमलता ने वर्षा की फोन पर प्रतीक साहू से बात करवाई। फोन पर प्रतीक साहू ने वर्षा को भरोसा दिलाया कि वह उसे आंगनबाड़ी सुपरवाइजर की नौकरी दिलवा सकता है। संयोग से, उस समय सुपरवाइजर के पद के लिए भर्ती प्रक्रिया चल रही थी और वर्षा ने आवेदन भी किया था।
प्रतीक साहू ने वर्षा से उसकी 10वीं और 12वीं की अंकसूची, प्रवेश पत्र और अन्य दस्तावेज मंगवाए और बताया कि नौकरी लगवाने के लिए कुल 3.40 लाख रुपये लगेंगे। वर्षा ने यह जानकारी अपनी सहकर्मी सुशिला सहाय को भी दी। सुशिला सहाय ने भी प्रतीक साहू से संपर्क किया, जिसने दोनों को नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया।
धोखाधड़ी की रकम और भुगतान प्रक्रिया
प्रतीक साहू ने हेमलता सिदार के माध्यम से वर्षा को एक स्कैनर भेजा, जिसमें उसने 80,000 रुपये ट्रांसफर किए। इसके अलावा, वर्षा ने अपने मोबाइल से तीन अन्य ट्रांजेक्शन किए, जिनमें कुल 1,45,000 रुपये भेजे। प्रतीक साहू ने वर्षा को एक बैंक खाता दिया, जिसमें उसने 1,15,000 रुपये जमा किए। इस तरह वर्षा ने कुल 3.40 लाख रुपये दे दिए, लेकिन उसे नौकरी नहीं मिली।
जब प्रतीक साहू से संपर्क करने की कोशिश की गई, तो उसने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। इस पर वर्षा ने हेमलता से उसके बारे में पूछताछ की, तो हेमलता ने प्रतीक से मिलने की सलाह दी। प्रतीक साहू ने वर्षा को अपना आधार कार्ड भी भेजा, जिसमें पिता का नाम राधेश्याम साहू और पता वार्ड क्रमांक 03, डीपापारा, पिथौरा लिखा था। लेकिन जब आधार कार्ड की जांच की गई, तो वह फर्जी निकला।
अन्य पीड़ित भी हुए ठगी के शिकार
वर्षा को एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो गई है। बाद में यह भी पता चला कि प्रतीक साहू ने अन्य लोगों से भी नौकरी लगाने के नाम पर ठगी की थी।
सुशिला सहाय से 3.50 लाख रुपये
हेमलता सिदार से 2.60 लाख रुपये
लक्ष्मण साहू से 2.75 लाख रुपये
पुलिस कार्रवाई
भटगांव पुलिस ने वर्षा बंजारे की शिकायत पर मोबाइल नंबर धारक अज्ञात व्यक्ति प्रतीक साहू के खिलाफ आईपीसी की धारा 419 (प्रतिरूपण द्वारा धोखाधड़ी) और 420 (धोखाधड़ी एवं बेईमानी से संपत्ति हड़पने) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आरोपी की पहचान कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।

