छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े राइस ट्रेडिंग कारोबारी सत्यम बालाजी राइस इंडस्ट्रीज पर आयकर विभाग की छापेमारी के बाद रायगढ़ और खरसिया के चावल कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। बुधवार सुबह से रायपुर, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर, गोंदिया और काकीनाड़ा समेत सत्यम बालाजी राइस इंडस्ट्रीज के विभिन्न ठिकानों पर छापे मारे गए।
22 ठिकानों पर कार्रवाई, टैक्स चोरी की आशंका
आयकर विभाग की इस कार्रवाई में करीब 200 अधिकारी शामिल रहे। छापे के दौरान राइस मिलर्स, कमीशन एजेंटों और व्यापारियों से जुड़े कई दस्तावेज जब्त किए गए। विभाग को संदेह है कि इस ग्रुप का अधिकांश व्यापार नकद लेन-देन पर आधारित है और बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी हो रही है। रायगढ़ के भी कई राइस मिलर्स इस समूह से जुड़े हुए हैं, जो बिना बिल के धान और चावल की सप्लाई करते हैं।
रायगढ़ से जाता है रबी का धान
सत्यम बालाजी राइस इंडस्ट्रीज मुख्य रूप से फ्री सेल चावल का व्यापार करता है और मार्कफेड की कस्टम मिलिंग में शामिल नहीं होता। रायगढ़ के कई मिलर्स रबी सीजन के धान की खरीदारी करते हैं और इसे सत्यम बालाजी ग्रुप को बेचते हैं। यह खरीदी अक्सर कच्चे (बिना बिल) में होती है, जिससे मंडी टैक्स की चोरी होती है।
काकीनाड़ा पोर्ट पर जब्त हुआ था पीडीएस चावल
इस कार्रवाई की जड़ें 29 नवंबर 2024 को आंध्र प्रदेश के काकीनाड़ा बंदरगाह पर हुई चावल जब्ती से जुड़ी हैं। वहां 1320 टन पीडीएस चावल जब्त किया गया था, जो रायपुर के सत्यम बालाजी राइस इंडस्ट्रीज का था। जहाज में कुल 4000 टन चावल था, जिसमें से 1320 टन सरकारी पीडीएस चावल पाया गया। इस मामले के बाद से ही आयकर विभाग सत्यम बालाजी ग्रुप की जांच कर रहा था।
रायगढ़ के व्यापारियों में चिंता
रायगढ़ और खरसिया के कई व्यापारी और मिलर्स इस ग्रुप से जुड़े हैं, जो अब जांच के दायरे में आ सकते हैं। बिना बिल के धान और चावल की खरीद-बिक्री से जुड़े कारोबारियों को भी अब विभाग की पूछताछ का सामना करना पड़ सकता है।

