छत्तीसगढ़, 2 अप्रैल 2025: केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने महादेव सट्टेबाजी एप घोटाले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल को एक आरोपी के रूप में नामित किया है। सीबीआई ने कहा है कि बघेल इस घोटाले के लाभार्थियों में से एक हैं।
सीबीआई की एफआईआर में नाम
सीबीआई ने अब बघेल को एफआईआर में 19 नामजद आरोपियों में से छठे आरोपी के रूप में सूचीबद्ध किया है। इससे पहले, छत्तीसगढ़ पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के इस घोटाले के संदर्भ में एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें बघेल का नाम शामिल था। ईओडब्ल्यू ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से इस मामले में दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग केस के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी।
जांच की प्रक्रिया
जब राज्य सरकार किसी मामले की जांच को सीबीआई के पास भेजती है, तो केंद्रीय एजेंसी राज्य पुलिस की एफआईआर को अपने मामले के रूप में पुनः पंजीकृत करती है। इस एफआईआर को जांच का प्रारंभिक बिंदु मानते हुए, सीबीआई मामले की जांच करती है और अपने निष्कर्षों को अंतिम रिपोर्ट के रूप में विशेष अदालत को सौंपती है, जिसमें प्राथमिकी के आरोप शामिल हो सकते हैं या नहीं भी।
छापे और कार्रवाई
सीबीआई ने इस मामले में 26 मार्च को बघेल के आवास समेत 60 ठिकानों पर छापे मारे थे और उनकी तलाशी ली थी। इस छापेमारी के बाद से ही मामले में और अधिक जानकारी प्राप्त करने के लिए जांच जारी है।
यह मामला छत्तीसगढ़ के राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण मोड़ ला सकता है और इसकी सुनवाई का किसी भी तरह का नाटकीय प्रभाव हो सकता है। न्यायिक प्रक्रिया को लेकर जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की नजरें इस पर होंगी।

