अंबिकापुर: छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक पुलिस आरक्षक आशीष तिर्की के घर पर हुई चोरी ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है। चोरों ने आरक्षक के निवास से एके 47 राइफल, 90 जिंदा कारतूस और सोने-चांदी के जेवरात चुरा लिए। घटना का पता तब चला जब आशीष परिवार के साथ जशपुर जिले के अपने गृहग्राम से वापस लौटे।
आशीष तिर्की बलरामपुर जिले के जिला पुलिस बल में आरक्षक के पद पर तैनात हैं और उनकी ड्यूटी जिला पंचायत बलरामपुर के सीईओ के गनमैन के रूप में थी। उन्हें विभाग द्वारा एके 47 राइफल और जरूरी कारतूस जारी किए गए थे। दो दिन पहले ही आशीष अपनी परिवार के साथ गांव गए थे। जब बुधवार को वह घर लौटे, तो उनके घर का किचन ताला खुला मिला, जिससे चोरी की संभावना बढ़ गई।
तिथि के अनुसार, आशीष ने देखा कि उनके घर से एके 47 राइफल, 90 कारतूस और घर की अलमारी में रखी नगद राशि और जेवर गायब थे। उन्होंने तुरंत इस मामले की सूचना गांधीनगर थाना को दी, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच करने पहुंची।
रसोई के बाजार में रखी चाबी को लेकर बात करते हुए आशीष ने बताया कि उन्होंने घर का ताला बंद कर रखा था और चाबी को रसोई के फ्रीज में रखा था। दरवाजे से चोरों ने ताला तोड़कर फ्रीज से चाबी निकाली और घर में प्रवेश किया। सरगुजा पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने कहा कि चोरी की प्रकृति देख कर ऐसा प्रतीत होता है कि चोरों को घर की जानकारी थी।
पुलिस अधिकारी इस मामले में आशीष की लापरवाही की जांच कर रहे हैं। उन्हें यह देखकर संदेह हो रहा है कि यदि आशीष अवकाश पर थे, तो उन्हें नियमों के तहत राइफल और कारतूस को जमा कर देना चाहिए था। मामले में आशीष की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि ऐसे संवेदनशील हथियारों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए थी।
पुलिस ने घटना को चोरी के रूप में दर्ज किया है और मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। पुलिस को आशंका है कि आरोपियों को आरक्षक के घर की अंदरूनी जानकारी थी, जिससे वे सफलतापूर्वक चोरी कर सके। अब इस मामले में पुलिस को आशंका है कि चोरों का कोई करीबी संपर्क हो सकता है।

