दुर्ग जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र में एक 6 वर्षीय बच्ची के अपहरण की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। यह घटना उस समय हुई जब पूरा देश चैत्र नवरात्रि का उत्सव मना रहा था और लोग छोटी कन्याओं को देवी मानकर पूजा कर रहे थे। बच्ची कन्या भोज के लिए सुबह करीब 9 बजे घर से निकली थी, लेकिन कुछ ही समय बाद उसका अपहरण कर लिया गया। काले रंग की कार में सवार तीन युवकों ने उसे जबरदस्ती अपनी गाड़ी में खींच लिया।
बच्ची के घरवालों ने जब देखा कि शाम तक बच्ची घर नहीं पहुंची, तो उसने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद बच्ची की तलाश शुरू की गई। शाम करीब साढ़े 6 बजे, बच्ची घायल अवस्था में पास की सड़क पर कार में पायी गई। उसके शरीर पर कई चोटों के निशान थे और चेहरा झुलसा हुआ था। परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने करीब एक घंटे बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
बच्ची की मां ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी के साथ दुष्कर्म हुआ है। उन्होंने कहा कि बच्ची के शरीर पर जलने के निशान हैं और जिस हालत में उसे कार से बाहर फेंका गया, उससे यह स्पष्ट होता है कि कुछ गंभीर गलत हुआ है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि बच्चे को संभवतः करेंट से झुलसने की आशंका है। उन्होंने इसे एक संदिग्ध घटना करार देते हुए जांच शुरू कर दी है और कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है।
इस घटना के फैलने के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बजरंग दल और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने मोहन नगर थाने के बाहर प्रदर्शन किया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि सच्चाई का पता लगाया जा सके। बच्ची के परिजनों का रोना-धोना तक जारी है और पूरे परिवार की स्थिति बेहद खराब हो गई है। यह मामला न केवल क्षेत्र के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक भयावह चेतावनी है।

