छत्तीसगढ़ के नगरी के गोरेगांव में 24 मार्च को तालाब में एक नर कंकाल मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई थी। हालांकि, 15 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस इस नर कंकाल की पहचान नहीं कर पाई है, जिसके चलते ग्रामीणों ने मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने उन्हें विश्वास दिलाया था कि कंकाल की पहचान जल्दी कर ली जाएगी, लेकिन अब तक कुछ ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है। पुलिस का कहना है कि कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और शिनाख्ति में काफी कठिनाई आ रही है, जिसके चलते मामले में कोई आगे की क्लू नहीं मिल रहा है। वर्तमान में मामले की जांच जारी है।
ग्रामीणों की आशंका यह भी है कि यह नर कंकाल एक युवती का हो सकता है, जो पिछले नौ महीनों से लापता है। उन्होंने गुमशुदगी की रिपोर्ट पुलिस में दर्ज करवाई थी, लेकिन अब तक उसकी कोई जानकारी नहीं मिल पाई। ऐसे में तालाब में मिले कंकाल को इसी लापता युवती से जोड़कर देखा जा रहा है।
कंकाल मिलने की घटना के बाद से क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। 24 मार्च को जब यह कंकाल मिला, तब लोग तालाब के पानी का स्तर कम होने के कारण कंकाल को देख सके। नर कंकाल दो लकड़ी के खूंटों से बंधा हुआ था और उसके ऊपर दो सीमेंट के पोल रखे गए थे, जिससे शव तालाब में छिपा हुआ था। यह दर्शाता है कि हत्यारे ने शव को छुपाने के लिए चतुराई से काम लिया था।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की, लेकिन अभी तक इस केस को सुलझाने में कोई सफलता हासिल नहीं हुई है। ग्रामीणों की चिंता यह है कि यदि मामले की उच्च स्तरीय जांच नहीं की गई, तो न्याय मिलने में और देरी हो सकती है। ऐसे में उन्होंने थाना पहुंचकर प्रशासन से उचित कार्रवाई की गुहार लगाई है।

